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दोनों पैरों से दिव्यांग अनीता से रामचंद्र को हुआ प्रेम, ब्रह्मलोक धाम में रचायी शादी, पढ़ें पूरी कहानी

जमशेदपुर : जिंदगी की राह में मुश्किलें कितनी भी हों, अगर साथ निभाने का भरोसा हो, तो सफर आसान लगने लगता है. दोनों पैरों से दिव्यांग अनीता कुमारी और लोहरदगा निवासी रामचंद्र उरांव (30) की शादी इसी भरोसे की एक कहानी है. कदमा स्थित ब्रह्मलोक धाम में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 51 जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामा. इन्हीं जोड़ों में अनीता और रामचंद्र भी शामिल थे. उन्होंने प्रेम विवाह कर अपने रिश्ते को नया नाम दिया.
सामूहिक विवाह समारोह में पूरी हुई शादी की रस्में
कदमा ब्रह्मलोक धाम में रविवार को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह कई जोड़ों के लिए नई जिंदगी की शुरुआत बना. इसी आयोजन में अनीता और रामचंद्र भी विवाह बंधन में बंधे. दोनों ने प्रेम विवाह किया है. समारोह में 51 जोड़ों की शादी करायी गयी. इस दौरान अनीता और रामचंद्र ने भी एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया.
चुनौतियों के बीच नयी शुरुआत
अनीता कुमारी दोनों पैरों से दिव्यांग हैं. शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने जीवन में आगे बढ़ने और नया सफर शुरू करने का फैसला किया. लोहरदगा के रहने वाले रामचंद्र उरांव के साथ उनका रिश्ता अब विवाह के बंधन में बंध गया है. सामूहिक विवाह समारोह उनके जीवन के इस खास पल का गवाह बना. अनीता और रामचंद्र की कहानी इस बात की याद दिलाती है कि विवाह केवल रस्मों का नाम नहीं, बल्कि एक-दूसरे का साथ निभाने और मिलकर जीवन की जिम्मेदारियां उठाने का संकल्प भी है. ब्रह्मलोक धाम में हुई इस शादी के साथ दोनों ने अपने साझा भविष्य की ओर कदम बढ़ाया.