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हमले में घायल युवक की मौत, परिजनों ने घेरा थाना:भोपाल में चाय की दुकान पर हुई मारपीट; घटना के सामने आए 2 VIDEO
भोपाल में चाकू, लोहे के पाइप और डंडे से हमले में घायल एक युवक की रविवार रात मौत हो गई। वह 18 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे ताजुल मसाजिद की सीढ़ियों के सामने चाय की दुकान पर बैठा था। तभी बदमाशों ने उस पर हमला दिया। घटना के 2 वीडियो भी सामने आए हैं। जिसमें पहले युवक से घेरकर मारपीट की गई। इसके बाद बीच सड़क बेहरमी से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। 8 दिन चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों और लोगों ने शाहजहानाबाद थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में एक मास्टरमाइंड नानू को भी आरोपी बनाने की मांग की। साथ ही कहा कि आरोपियों को थाने में वीआईपी ट्रीटमेंट देने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हो। आरोप है कि गंभीर हमले के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के साथ सख्ती नहीं बरती। हिरासत में लेने से लेकर कोर्ट में पेश करने तक के थाने के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखे जाएं और उनकी जांच कराई जाए, ताकि आरोपियों को कथित तौर पर दी गई सुविधाओं की सच्चाई सामने आ सके। जुलूस में मुस्कुराते और फायरिंग का इशारा करते दिखे आरोपी परिजनों का आरोप है कि आरोपियों का जुलूस निकाले जाने के दौरान वे कस्टडी में मुस्कुराते हुए चल रहे थे। इस दौरान कुछ आरोपियों ने उंगलियों से फायरिंग का इशारा भी किया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया। इस व्यवहार को लेकर भी परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उन्होंने सवाल उठाया कि गंभीर हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के साथ पुलिस का रवैया ऐसा क्यों रहा। युवक पर हमले की 2 तस्वीरें… नानू को मास्टरमाइंड बताकर आरोपी बनाने की मांग हमले के बाद नानू नाम के युवक को कथित तौर पर मास्टरमाइंड बताए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे मामले में आरोपी नहीं बनाया। इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारियों ने नानू को भी केस में शामिल कर उसकी भूमिका की जांच करने की मांग की। पुलिस की ओर से उसकी भूमिका और उसे आरोपी नहीं बनाए जाने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। चाय पीने के दौरान हमला, पेट और पैर पर चाकू से वार एफआईआर के मुताबिक, आलिन अपने दोस्त समीर उर्फ गब्बर के साथ एलबीएस रोड स्थित कॉफी हाउस में चाय पीने गया था। इसी दौरान ऑटो से पहुंचे उमर उर्फ ट्रैक्टर, जैद और उनके अन्य साथियों ने उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने लोहे की पाइप और प्लास्टिक के डंडों से मारपीट की। जैद पर आलिन के पेट और बाएं पैर में चाकू से वार करने का आरोप है। दोस्त समीर ने बीच-बचाव किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। गंभीर रूप से घायल आलिन को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस ने समीर के बयान पर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1), 296(बी), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश की आशंका जताई थी। पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल आलिन की मौत के बाद मामला हत्या के प्रयास से आगे बढ़कर उसकी मौत के लिए जिम्मेदारी और आरोपियों की भूमिका की जांच का विषय बन गया है। वहीं, थाने के घेराव के दौरान उठाई गई मांगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, पुलिस की कार्रवाई और कस्टडी में उनके कथित व्यवहार पर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों की मांग है कि नानू की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो, थाने के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखे जाएं और आरोपियों को कथित वीआईपी ट्रीटमेंट देने के आरोपों की जांच कर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए। पुलिस का पक्ष और इन आरोपों पर उसका आधिकारिक जवाब सामने आना बाकी है।