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'पूरी तरह ठीक होने के बाद ही हमें डिस्चार्ज करें':इंदौर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट मामले में झुलसे 3 लोगों ने भी ली हाई कोर्ट की शरण
इंदौर में पिछले दिनों बोरिंग खुदाई के दौरान अवंतिका गैस पाइप लाइन में ब्लास्ट हो गया था। हादसे में झुलसी कंटेंट क्रिएटर गिरी राजकुमारी उर्फ जिनी झाला के मामले में सोमवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। हादसे में झुलसे लोग बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट हैं, उनकी ओर से भी इंटरविनर के रूप में वकीलों ने कोर्ट में आवेदन लगाया है। जिसमें बताया है कि हॉस्पिटल से हमें जल्दी डिस्चार्ज किया जा रहा है। हमारा भी समुचित इलाज होना चाहिए ताकि इन्फेक्शन का खतरा न रहे। हादसे में घायल गोपाल मालाकार (10-15%) और सुभाष ठाकुर (10-12% झुलसे) में हैं। जबकि एक अन्य भी झुलसा है। दूसरी ओर याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट श्रवण कुमार लाहोटी ने बताया कि जिनी को अहमदाबाद एयरलिफ्ट करने के बाद उसका इलाज जारी है। मामले में पुलिस ने पुलिस ने ठेकेदार और बोरिंग वाहन के ड्राइवर पर केस दर्ज किया है जबकि जिसने बोरिंग के लिए बुलवाया था उसके खिलाफ नहीं की गई है। नगर निगम पेश नहीं की रिपोर्ट सुनवाई में नगर निगम की ओर से रिपोर्ट पेश नहीं की गई लेकिन मौखिक रूप बताया गया कि इसमें निगम की किसी अधिकारी का दोष नहीं है। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि मामले में कोई तो दोषी होगा जिसने खुदाई करवाई। दूसरी ओर घायल जिनी की ओर से एडवोकेट ने बताया कि उसकी ओर से भी एक आवेदन दिया गया था लेकिन किसी अन्य पक्ष की ओर से एफआईआर दर्ज की गई। यह भी बताया कि जब बोरिंग प्रतिबंधित था तो फिर कैसे काम शुरू हो गया और किसकी अनुमति से हुआ। इस मामले में पार्षद को भी पक्षकार बनाया है। मामले में अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।