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कैमूर में बारिश ने खोली सिस्टम की पोल: एग्जाम से पहले पानी में तैरते मिले प्रश्नपत्र, वीडियो वायरल

कैमूर से सुनील पाठक की रिपोर्ट
Kaimur News : कैमूर जिले में मंगलवार को हुई तेज बारिश ने शिक्षा विभाग की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बुधवार यानी 1 जुलाई से शुरू होकर 8 आठ जुलाई तक आयोजित होने वाली इंटरमीडिएट त्रैमासिक परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों का वितरण नगर पालिका मध्य विद्यालय परिसर से किया जा रहा था. इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई.
प्रश्नपत्रों के कई बंडल पानी में तैरते नजर आए
बारिश शुरू होते ही प्रश्नपत्र लेने पहुंचे शिक्षक एवं कर्मी खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन खुले मैदान में रखे प्रश्नपत्रों के बंडलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की समय पर व्यवस्था नहीं हो सकी. देखते ही देखते बारिश का पानी मैदान में भर गया और प्रश्नपत्रों के कई बंडल पानी में तैरते नजर आए. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों ने भी गहरी हैरानी जताई.
वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने पानी में भीगते और तैरते प्रश्नपत्रों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. इधर वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया. सोशल मीडिया पर लोग परीक्षा की गोपनीयता और विभागीय लापरवाही को लेकर लगातार सवाल उठाने लगे हैं. लोगों का कहना है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्य के लिए प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रखरखाव की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए थी. यदि पहले से बारिश की संभावना को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जाती तो ऐसी शर्मनाक स्थिति उत्पन्न नहीं होती. वायरल वीडियो के बाद पूरे मामले की चर्चा जिलेभर में होने लगी है.
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अधिकारी टिप्पणी से बच रहे, परीक्षा आज से शुरू
घटना के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी फिलहाल कुछ भी बोलने से साफ बच रहे हैं. किसी भी अधिकारी ने आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि बारिश में भीगे प्रश्नपत्रों का अब क्या होगा, कितने प्रश्नपत्र इससे प्रभावित हुए हैं और परीक्षा संचालन पर इसका कोई सीधा असर पड़ेगा या नहीं. हालांकि, विभागीय स्तर पर स्थिति का आकलन किए जाने की चर्चा है.
मासिक परीक्षा 1 जुलाई से 8 जुलाई तक आयोजित होनी है
बता दें कि जिले के सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में इंटरमीडिएट की त्रैमासिक परीक्षा 1 जुलाई से 8 जुलाई तक आयोजित होनी है. परीक्षा की तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं और विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र भेजे जा रहे थे. ऐसे में प्रश्नपत्रों के पानी में भीगने और तैरने का वीडियो सामने आने से परीक्षा प्रबंधन की तैयारियों पर बड़े सवाल उठ गए हैं.
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आधिकारिक पक्ष का इंतजार
अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं. यदि मामले की जांच होती है तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे.
डीईओ ने नहीं उठाया फोन
इधर, इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) राजन कुमार का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. इसके कारण घटना को लेकर शिक्षा विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है. विभाग की ओर से भी देर शाम तक इस संवेदनशील मामले में कोई लिखित या मौखिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया था.
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