Friday, 3 July 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

national

Defence: रक्षा अधिग्रहण परिषद ने सेना के लिए 52 हजार रक्षा उपकरण के खरीद को दी मंजूरी

INT News3 July 2026 at 07:29 pm

Defence: सेना को सशक्त बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने कई अहम सौदे को मंजूरी दी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद(डीएएसी) की बैठक में 52 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न अधग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी. प्रस्ताव के तहत भारतीय सेना के लिए एंटी-अनमैंड एरियल व्हीकल (यूएवी) इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम ‘आकाश तरंग’, मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम), मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल, वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम, टैंक के लिए एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम और कामिकेज ड्रोन सिस्टम की खरीद को होगी. मौजूदा समय में ड्रोन युद्ध का भविष्य बनता जा रहा है. भारतीय सेना ड्रोन के मामले में खुद को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है. ‘आकाश तरंग’ सिस्टम सेना को दुश्मन के ड्रोन हमलों से प्रभावी सुरक्षा प्रदान करने में मदद करेगा.

किन खरीदों की मिली मंजूरी

एमपीएटीजीएम थल सेना की क्षमता को सशक्त बनाने और एमआरएसएएम दुश्मन के हवाई खतरों से बचाने का काम करेगा. वहीं भारतीय नौसेना के लिए मल्टी इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन, नेवल शिप बोर्न अनमैंड एरियल सिस्टम और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम के लिए लैंड-बेस्ड टेस्टिंग फैसिलिटी का गठन किया जाएगा. मल्टी इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइनदुश्मन के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों की आवाजाही पर नजर रखेगा और दुश्मन की क्षमता को सीमित करेगा. भारतीय वायु सेना के लिए फिक्स्ड-विंग हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट और अन्य उपकरणों के खरीद को मंजूरी दी गयी है. यह सैटेलाइट इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकोनिसेंस, दूरसंचार और रिमोट सेंसिंग की जानकारी मुहैया कराएगा और इससे वायुसेना की निगरानी और परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी. रक्षा मंत्रालय के इस पहल से सेना के आधुनिकीकरण और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लक्ष्य को गति मिलेगी. सेना को आधुनिक तकनीक के रक्षा उपकरण मिलेंगे और इससे रक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी साथ ही सैन्य बलों की परिचालन क्षमता में इजाफा होगा.