Friday, 3 July 2026
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Panchayat: स्थानीय निकाय को आर्थिक तौर पर सशक्त बनाने के लिए16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर राज्य और केंद्र मिलकर करेंगे काम

INT News3 July 2026 at 07:47 pm

Panchayat: पंचायती राज संस्थाओं को लेकर 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को अमल में लाने को लेकर शुक्रवार को केंद्र और राज्य के पंचायती राज मंत्रियों की दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई. इस दौरान 16वें वित्त आयोग की वर्ष 2026-31 की अवधि के लिए की गयी सिफारिशों पर विस्तृत चर्चा हुई. साथ ही ग्रामीण स्थानीय निकाय (आरएलबी) अनुदान की संचालन संबंधी (ऑपरेशनल) गाइडलाइंस, वित्त आयोग के अनुदान जारी करने और उसके उपयोग से जुड़े नियमों, जरूरी अनुपालन (कंप्लायंस), अनुदान जारी करने की प्रक्रिया, संस्थागत तैयारियों और पंचायतों द्वारा धनराशि का समय पर और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर मंथन किया गया. मंत्रालय का मानना है कि विचार-विमर्श से केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग और मजबूत होगा तथा पंचायतों को बेहतर शासन, बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सेवाएं और समावेशी ग्रामीण विकास उपलब्ध कराने के लिए एक मजबूत क्रियान्वयन ढांचा तैयार करने में मदद मिलेगी. 16वें वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 4.35 लाख करोड़ आवंटित किया है, जिसमें से  80 फीसदी बुनियादी (बेसिक) अनुदान और 20 फीसदी प्रदर्शन-आधारित (परफार्मेंस बेस्ड) अनुदान के तौर पर मिलेगा.

गौरतलब है कि स्थानीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग ने 236805 करोड़ रुपये का आवंटन किया था, जबकि 16वें वित्त आयोग ने 435236 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. यानि आवंटन में 84 फीसदी की वृद्धि की गयी है. 16 वें वित्त आयोग के अनुसार स्थानीय निकाय के लिए पहले साल 55909 करोड़ रुपये, दूसरे साल 71300 करोड़ रुपये, तीसरे साल 92166 करोड़ रुपये, चौथे साल 102303 करोड़ रुपये और पांचवें साल 113558 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा. अगर प्रति व्यक्ति आवंटन की बात करें तो 12वें वित्त आयोग के लिहाज से 54 रुपये था, जो 16वें वित्त आयोग के तहत बढ़कर 954 रुपये हो गया है. अगर शहरी निकायों के आवंटन 2.90 करोड़ रुपये को जोड़ दिया जाए तो स्थानीय निकायों का कुल आवंटन 7.91 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा.

राज्यों के आवंटन में होगी भारी वृद्धि

वित्त आयोग की सिफारिशों पर गौर करें तो बेसिक ग्रांट के तहत बिहार को वर्ष 2026-27 में 6670 करोड़ रुपये, वर्ष 2027-28 में 7404 करोड़ रुपये, वर्ष 2028-29 में 8218 करोड़ रुपये, वर्ष 2029-30 में 9122 करोड़ रुपये और वर्ष 2030-31 में 10125 करोड़ रुपये मिलेगा. पांच साल में बिहार को 41539 करोड़ रुपये स्थानीय शासन को सशक्त बनाने के लिए मिलेगा. जबकि झारखंड को 2026-27 में 1828 करोड़ रुपये, 2027-28 में 2029 करोड़ रुपये, 2028-29 में 2253 करोड़ रुपये, 2029-30 में 2500 करोड़ रुपये और 2030-31 में 2775 करोड़ रुपये मिलेगा. झारखंड को पांच साल में इस मद में 11385 करोड़ रुपये का आवंटन होगा. परफार्मेंस अनुदान की बात करें तो बिहार को 16 वें वित्त आयोग के अनुसार पांच साल में 10384 करोड़ रुपये और झारखंड को 2846 करोड़ रुपये मिलेगा.

इसके तहत 60 फीसदी राशि केंद्र सरकार और 40 फीसदी राशि राज्यों को देनी होगी. आवंटन बढ़ाने का मकसद स्थानीय निकायों को आर्थिक तौर पर सशक्त बनाना है ताकि पंचायत खुद के राजस्व जुटाने का साधन तैयार कर सके. कार्यशाला की अध्यक्षता केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने की. इस कार्यशाला में पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए कई सत्रों का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान पंचायतों को बेहतर बनाने के लिए राज्यों के अच्छे पहल को अपनाने के लिए दूसरों को प्रेरित करने का काम भी होगा.