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मुरैना में घड़ियाल-मगरमच्छ रेस्क्यू का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया:विशेषज्ञों ने सुरक्षित पकड़ने और संघर्ष रोकने की तकनीक सिखाई
मुरैना में वन विभाग ने मंगलवार को घड़ियाल और मगरमच्छ रेस्क्यू कार्यशाला आयोजित की। इसका उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में सुरक्षित व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना था। कार्यशाला में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को घड़ियाल और मगरमच्छ के सुरक्षित रेस्क्यू, पकड़ने, स्थानांतरण और बचाव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। घड़ियाल इकोलॉजी प्रोजेक्ट, मद्रास क्रोकोडाइल बैंक ट्रस्ट और घड़ियाल लोकल एंड ग्लोबल फाउंडेशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर जालिब्दीन और फील्ड बायोलॉजिस्ट पंकज कुमार ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने मगरमच्छ और घड़ियाल के व्यवहार, आधुनिक रेस्क्यू तकनीकों और आपातकालीन स्थिति में अपनाई जाने वाली मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने रेस्क्यू में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का प्रदर्शन भी किया। अधिकारियों और कर्मचारियों से उनका अभ्यास भी कराया गया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम वन्यजीवों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थान पर पहुंचा सकती है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को भी कम करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी हरीश बघेल, उपवनमंडलाधिकारी मधु सिंह सिसोदिया, उपवनमंडलाधिकारी कुलदीप राजोदिया, अधीक्षक श्याम सिंह चौहान समेत वन विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।