समाचार · छत्तीसगढ़
अधिराज ग्रुप के संचालक ने बहन से ठगे 1.25 करोड़:डबल प्रॉफिट का झांसा देकर कराया निवेश, फर्जी दस्तावेज बनाकर फर्म से किया बाहर
कारोबार में पार्टनरशिप और दोगुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर सगे भाई ने अपनी बहन और जीजा से 1.25 करोड़ रुपए की कथित ठगी कर दी। इतना ही नहीं, फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें साझेदारी फर्म से बाहर दिखा दिया। मामले की शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी समेत विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का नाम पुलिस द्वारा शिवांगी गर्ग और आरोपी का नाम शुभम सिंघल और जया सिंघल बताया जा रहा है। पारिवारिक भरोसे का उठाया फायदा पुलिस के अनुसार, नागपुर के लॉ कॉलेज स्क्वायर निवासी शिवांगी गर्ग (43) मनोवैज्ञानिक काउंसलर हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि उनके भाई शुभम सिंघल और भाभी जया सिंघल रायपुर में अधिराज सीमेंट और बाद में अधिराज ट्रेडलिंक नाम से साझेदारी फर्म संचालित करते हैं। वर्ष 2020 में दोनों ने कारोबार के विस्तार और बेहतर लाभ का भरोसा देकर उनसे और उनके पति से नगद तथा बैंक के जरिए अलग-अलग समय में करीब 1.25 करोड़ रुपए का निवेश कराया। शुरुआती दौर में भरोसा बनाए रखने के लिए लाभांश की राशि भी खाते में भेजी जाती रही। फर्जी हस्ताक्षर कर फर्म से किया रिटायर निवेश की राशि वापस मांगने पर 4 अप्रैल 2025 को दंपती को दोनों फर्मों में भागीदार बना दिया गया। शिकायत के अनुसार, उसी दिन शुभम सिंघल ने खुद साझेदारी से इस्तीफा दे दिया। बाद में लाभांश देना बंद कर दिया गया। जनवरी 2026 में रायपुर में हुई पारिवारिक बैठक में रकम लौटाने का आश्वासन भी दिया गया। आरटीआई से खुला फर्जीवाड़े का राज शिवांगी ने रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स से सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज हासिल किए। इसमें पता चला कि 6 मार्च और 6 अप्रैल 2026 की पार्टनरशिप डीड में उनके फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें दोनों फर्मों से सेवानिवृत्त दिखा दिया गया। उनका दावा है कि दोनों तारीखों पर वे रायपुर में मौजूद ही नहीं थीं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।