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विधायक की माफी के बाद सोशल मीडिया पर उठे सवाल:रोड़ महासभा प्रधान समेत विधायकों और नेताओं पर उठाए सवाल, लिखा- ‘क्या समाज से ऊपर होकर समाज को बेच आए?
करनाल में बीरू वाल्मीकि हत्याकांड से जुड़े हर्ष एनकाउंटर मामले में भाजपा विधायक जगमोहन आनंद की ओर से रोड़ समाज से माफी मांगने के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्टों में रोड महासभा के प्रधान बलकार सिंह, घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण, पुंडरी विधायक सतपाल जांबा, भाजपा नेता वेदपाल और धर्मवीर मिर्जापुर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। पोस्टों में इन नेताओं और समाज के प्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, हालांकि इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता है। इस मामले को लेकर ने समाज के प्रधान बलकार सिंह से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे संर्पक नहीं हो पाय। वायरल पोस्ट में नेताओं से मांगे सवालों के जवाब
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में लिखा गया है कि ‘रोड़ समाज के बेटे की जान का सौदा-एक माफीनामा।’ इसमें बलकार सिंह, सतपाल जांबा, हरविंद्र कल्याण, वेदपाल और धर्मवीर मिर्जापुर के नाम लिखकर सवाल किया गया है कि क्या ये समाज से ऊपर होकर समाज को बेच आए हैं। पोस्ट में आगे लिखा है कि कल तक समाज की बात थी और आरोप लगाया जा रहा था कि जगमोहन एमएलए ने हर्ष की छाती पर गोली मरवाई, लेकिन अब विचारधारा कैसे बदल गई।
पोस्ट में यह भी सवाल उठाया गया है कि क्या इन लोगों ने सरकार या विधायक जगमोहन आनंद से किसी तरह की मोटी रकम ली है। साथ ही पूछा गया है कि सवालों के जवाब कब दिए जाएंगे। पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि अगर इन लोगों को ही फैसला करना था तो पूरी बिरादरी को सड़कों पर क्यों उतारा गया और क्या यह पूरे रोड समाज की भावनाओं व भाईचारे के साथ विश्वासघात नहीं है।
हरियाणा चौरासी रीजन पर पेज पर ये लिखा
इस पेज पर लिखा की राजनीति करने वाले कभी अपने परिवार के नहीं हुए, तो समाज के क्या होंगे। अब समय आ गया है कि अगले चुनाव में इन BJP वालों का हरियाणा से सफाया किया जाए। फर्जी एनकाउंटर करो और फिर माफ़ी मांग लो-क्या सिर्फ माफ़ी मांग लेने से सब कुछ सामान्य हो जाएगा और लोग सब भूल जाएंगे? अगर कल कोई व्यक्ति मर्डर या कोई अन्य अपराध करके सिर्फ माफ़ी मांग ले, तो क्या उसका अपराध खत्म हो जाएगा? गरीब परिवार के बच्चे की हत्या का आरोप कोई छोटी बात नहीं है। माफ़ी की यहां कोई जगह नहीं है। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए और जगमोहन आनंद का इस्तीफ़ा होना चाहिए।
पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई थी समाज के पदाधिकारियों से बैठक
दरअसल, रविवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, विधायक जगमोहन आनंद और अन्य नेताओं की रोड़ समाज के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक के दौरान विधायक जगमोहन आनंद ने रोड समाज से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि अगर उनकी भाषा, किसी बात या व्यवहार से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं। जनप्रतिनिधि होने के नाते 36 बिरादरी का भाईचारा बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। जगमोहन आनंद के इस रुख पर रोड महासभा प्रधान बलकार सिंह ने भी उनकी सराहना की थी। 5 अगस्त को हुई थी बीरू की हत्या, 6 अगस्त को एनकाउंटर
बीरू वाल्मीकि की 5 अगस्त की रात करीब 9 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि बीरू अपनी बहन के घर जा रहा था। हांसी रोड पर पहुंचने के बाद हर्ष और बीरबल ने उसका पीछा किया और उसके सिर में गोली मार दी। इसके बाद परिजनों ने हत्यारों के एनकाउंटर की मांग को लेकर हंगामा किया था।
6 अगस्त को बीरू की पत्नी ने परिजनों के साथ रोड़ पर बैठकर जाम लगा दिया था। प्रदर्शन के दौरान विधायक जगमोहन आनंद ने बीरू के परिजनों के सामने शाम तक रिजल्ट देने की बात कही थी। उसी रात पुलिस ने हर्ष और बीरबल को एनकाउंटर में मार गिराया था। बीरू की हत्या के करीब 27 घंटे बाद हुए इस एनकाउंटर के बाद से हर्ष के परिजन लगातार सवाल उठा रहे हैं।