Monday, 31 August 2026
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छत्तीसगढ़ पर ₹1.79 लाख करोड़ कर्ज, घाटा 5.32% पहुंचा:कांग्रेस:कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला बोले- सरकार श्वेतपत्र जारी करे

INT News31 August 2026 at 12:29 pm

नीति आयोग की रिपोर्ट पर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है, छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। नीति आयोग की ‘वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक रिपोर्ट’ का हवाला देते हुए कांग्रेस ने दावा किया है कि राज्य वित्तीय प्रदर्शन के मामले में 18 राज्यों में 17वें स्थान पर पहुंच गया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन का असर अब राज्य के कर्ज और राजकोषीय घाटे पर दिखाई दे रहा है। 56 से गिरकर 7.4 हुआ वित्तीय अनुशासन स्कोर कांग्रेस ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का राजकोषीय अनुशासन स्कोर एक साल में 56 से घटकर सिर्फ 7.4 अंक रह गया है। 18 राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़ नीचे से दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि राज्य का राजकोषीय घाटा भी तय लक्ष्य 2.99% के मुकाबले बढ़कर 5.32% हो गया है। कांग्रेस ने इन आंकड़ों को प्रदेश की वित्तीय स्थिति के लिए चिंताजनक बताया है। ₹1.79 लाख करोड़ का कर्ज, ब्याज का बोझ भी बढ़ा कांग्रेस के मुताबिक, छत्तीसगढ़ सरकार पर कुल कर्ज करीब ₹1.79 लाख करोड़ पहुंच चुका है। शुक्ला का आरोप है कि कर्ज बढ़ने के साथ ब्याज भुगतान का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिस बजट का इस्तेमाल विकास और जनकल्याण की योजनाओं में होना चाहिए, उसका बड़ा हिस्सा कर्ज के ब्याज में जा रहा है। ₹18,900 करोड़ से बढ़कर ₹20,400 करोड़ से ज्यादा राजकोषीय घाटा शुक्ला ने दावा किया कि पिछले वित्त वर्ष में राज्य का राजकोषीय घाटा करीब ₹18,900 करोड़ था। चालू वित्त वर्ष में इसके ₹20,400 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार की आय बढ़ने के बावजूद वित्तीय स्थिति मजबूत नहीं हो रही है। कर संग्रह 60% बढ़ने का दावा, फिर भी बढ़ता गया कर्ज शुक्ला ने कहा कि पिछले ढाई साल में राज्य के कर संग्रहण और प्राप्तियों में करीब 60% की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद कर्ज और ब्याज का बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से टैक्स वसूली बढ़ाई जा रही है, लेकिन इसका फायदा वित्तीय स्थिति सुधारने में नजर नहीं आ रहा। ‘सरकार बताए, आखिर पैसा जा कहां रहा?’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि योजनाओं के लिए किए गए बजट प्रावधान का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ रहा है। इसी वजह से सरकार के विकास कार्यों का असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा। शुक्ला ने कहा कि जब राजस्व और कर संग्रह बढ़ रहा है, फिर भी राजकोषीय घाटा और कर्ज बढ़ रहे हैं तो सरकार को प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। रिपोर्ट पर सरकार से मांगा स्पष्टीकरण कांग्रेस ने नीति आयोग की रिपोर्ट को आधार बनाकर सरकार से वित्तीय स्थिति पर स्पष्टीकरण और आंकड़ों का विस्तृत ब्यौरा जारी करने की मांग की है।