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अमृत-2.0 के लिए नगर निगम जुटाएगा मार्जिन मनी:ग्राम रोजगार सहायकों के संविलियन को भी मिली मंजूरी; निगम की एमआईसी बैठक में अहम फैसले
ग्वालियर नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक मंगलवार को महापौर डॉ. शोभा सतीश सिंह सिकरवार की अध्यक्षता में बाल भवन स्थित टीएलसी में हुई। इसमें अमृत-2.0 परियोजना के लिए मार्जिन मनी जुटाने और ग्राम रोजगार सहायकों के संविलियन सहित कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में अमृत-2.0 परियोजना के लिए नगर निगम के मार्जिन मनी योगदान पर चर्चा हुई। निगमायुक्त के प्रतिवेदन पर विचार के बाद एमआईसी ने म्युनिसिपल बॉन्ड, प्राइवेट प्लेसमेंट या बैंक ऋण के माध्यम से राशि जुटाने की स्वीकृति दी। इससे अमृत-2.0 के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों के लिए निगम की वित्तीय हिस्सेदारी जुटाने का मार्ग प्रशस्त होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस शुल्क और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट शुल्क के निर्धारण से संबंधित वर्ष 2022 के एमआईसी संकल्प में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। नगर निगम संग्रहालय, फूलबाग स्थित पुराने लेबर कोर्ट क्षेत्र के भूतल, निचले तल और ओपन स्पेस को 10 वर्ष के लिए मासिक लाइसेंस शुल्क पर आवंटित करने के लिए ईओआई के माध्यम से ई-निविदा बुलाने का प्रस्ताव भी चर्चा में आया। हालांकि, एमआईसी ने इसे स्पष्ट भू-स्वामित्व रिपोर्ट के साथ दोबारा प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए वापस कर दिया। महाराज बाड़ा स्थित पुराने नगर निगम भवन के पिछले हिस्से और नजरबाग मार्केट की गली में बनी दुकानों के संबंध में पारित संकल्प पर पुनर्विचार के प्रस्ताव पर एमआईसी ने पूर्व में किए गए संकल्प का ही पालन करने का निर्देश दिया। शहर में सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन द्वारा संचालित सार्वजनिक शौचालयों के संचालन, संधारण और मरम्मत के लिए लिए जाने वाले 'पे एंड यूज' शुल्क में वृद्धि के प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय का अधिकार महापौर को दिया गया। नगर निगम सीमा में शामिल ग्राम पंचायतों में कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों (सहायक सचिवों) की सेवाओं को नगर निगम में संविलियन किए जाने के प्रस्ताव को भी एमआईसी ने मंजूरी प्रदान कर दी।