Friday, 25 September 2026
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नए BJP जिलाध्यक्ष बोले- जो दौड़ेगा वही टीम में रहेगा:दतिया में स्वागत मंच पर नरोत्तम-आशुतोष के बीच कुर्सी का अंतर; गुटबाजी भी दिखी

INT News25 September 2026 at 07:53 am

दतिया में भाजपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष माधवेंद्र सिंह परिहार के स्वागत कार्यक्रम में गुरुवार को पार्टी के भीतर नजर आने वाली सियासी दूरियां भी चर्चा में रहीं। रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ स्वागत जुलूस पीतांबरा पीठ पहुंचा। यहां आशुतोष तिवारी साथ रहे, जबकि मंदिर के आगे भैरव मंदिर के पास पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा जुलूस में शामिल हुए। इसके बाद किला चौक पर कार्यक्रम का समापन हुआ। भाजपा कार्यालय में हुए कार्यक्रम में नरोत्तम मिश्रा, आशुतोष तिवारी और सेवड़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल समेत नेता मौजूद रहे। मंच पर नरोत्तम मिश्रा और आशुतोष तिवारी के बीच एक कुर्सी का अंतर रहा। यह कुर्सी सेवड़ा नगर परिषद अध्यक्ष के पति गोविंद सिंह नागिल के लिए थी। दोनों नेताओं के बीच मंच पर यह दूरी भी कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय रही। जिलाध्यक्ष बोले- जो साथ दौड़ेगा वही टीम में

पीतांबरा मंदिर परिसर में माधवेंद्र सिंह परिहार ने अचानक कार्यकर्ताओं के साथ दौड़ लगा दी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जो मेरे साथ दौड़ेगा, वही मेरी कार्यकारिणी में पदाधिकारी रहेगा, वरना मैं पीछे छूट जाएगा। इसके बाद कई कार्यकर्ता उनके साथ दौड़ते नजर आए। इसका वीडियो भी सामने आया। ‘भाजपा में परिक्रमा नहीं, काम और अनुशासन जरूरी’

भाजपा कार्यालय में अपने संबोधन में परिहार ने कहा कि उन्होंने 1995 में जिला प्रवक्ता के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया और 1998 में युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष बने। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता व्यक्ति नहीं, पार्टी के प्रति निष्ठावान होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने और अधिकारियों से बातचीत के तरीके के लिए प्रशिक्षण देने की बात भी कही। परिहार ने कहा कि राजनीति की राह में कई लोग फिसलते हैं, लेकिन मूल्य आधारित राजनीति से रास्ता नहीं भटकना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा में परिक्रमा छोड़ें, काम करने का प्रयास करें। साथ ही व्यक्तिगत संबंध खराब नहीं करने और सभी से अच्छे संबंध बनाए रखने की नसीहत दी। बताया- प्रदेश अध्यक्ष ने भोपाल बुलाया था

नए जिलाध्यक्ष ने अपने चयन की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष का रात में फोन आया था और अगले दिन मुख्यमंत्री कार्यालय बुलाया गया। उन्हें खुद भी अंतिम समय तक अध्यक्ष बनाए जाने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सामान्य कार्यकर्ता को भी अलग-अलग स्तरों पर देखती है और उसके आचरण व काम का आकलन होता रहता है।