समाचार · मध्य प्रदेश
धार में आज से 'दस्तक अभियान' शुरू:मानसून में बच्चों की सेहत पर फोकस, 5 साल तक के बच्चों का होगा घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण
धार जिले में मानसून के दौरान बच्चों को मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसी क्रम में कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने मंगलवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और 15 से 31 जुलाई तक चलने वाले 'दस्तक अभियान' की तैयारियों की समीक्षा की। अभियान के तहत पांच वर्ष तक के बच्चों का घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने जिला अस्पताल पहुंचकर विभिन्न वार्डों और विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के समय सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा। बच्चों की माताओं को वितरित किए ORS और दवाइयां निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती बच्चों की माताओं को ओआरएस के पैकेट और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में उल्टी, दस्त, डायरिया और अन्य संक्रमणजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय पर उपचार और जागरूकता से इन बीमारियों से बचाव संभव है। 15 से 31 जुलाई तक चलेगा 'दस्तक अभियान' शासन के निर्देशानुसार जिलेभर में 15 जुलाई से 31 जुलाई तक 'दस्तक अभियान' संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी। साथ ही बच्चों में बीमारी के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज की व्यवस्था की जाएगी। घर-घर मिलेगा ORS, जिंक और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श अभियान के दौरान प्रत्येक पात्र परिवार को दो ओआरएस के पैकेट, जिंक की गोलियां और बच्चों की स्वच्छता व पोषण से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य कर्मी परिवारों को डायरिया से बचाव, साफ-सफाई और समय पर इलाज के प्रति भी जागरूक करेंगे। बीमारी के लक्षण मिलने पर तत्काल इलाज के निर्देश कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान यदि किसी बच्चे में बीमारी के लक्षण मिलते हैं तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजकर उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और जिले के प्रत्येक पात्र परिवार तक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर पहुंचनी चाहिए।