Wednesday, 15 July 2026
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सिरसा बिजली टावर मामले में विधायक सेतिया की एंट्री:किसानों से मिले, एसई-एक्सईएन ने मीटिंग को बुलाया, सहमति नहीं बनी, मांग-कमेटी दोबारा बने

INT News15 July 2026 at 09:37 am

सिरसा में बिजली टावर मामले में प्रशासन की ओर से दोबारा से नई कमेटी नहीं बन पाई है। किसान और उनका प्रतिनिधिमंडल अभी तक प्रशासन के पास चक्कर लगा रहा है। इस बीच मामले में सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया की भी एंट्री हो गई है। वैदवाला के ग्रामीण विधायक गोकुल सेतिया से मिलने उनके आवास पर पहुंचे और टावर मामले में किसानों के साथ चर्चा की। विधायक सेतिया ने मुआवजा देने को लेकर उच्च अधिकारियों से फोन पर बात की है और कहा, वह किसानों के समर्थन में हैं। प्रशासन से भी बात की है और कहा, वह उनके साथ है और उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसे लेकर सेतिया आवास पर किसानों की काफी देर मीटिंग चली। ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार को बिजली निगम की ओर से किसानों को मीटिंग के लिए बुलाया गया था, परंतु मुआवजा मार्केट वैल्यू के हिसाब से देने पर सहमति नहीं बनी। बिजली निगम टावर का पेंडिंग कार्य पूरा करने को कहा, पर किसान नहीं माने। इसी पर संशय बन गया है। किसान और बिजली निगम व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत चल रही है। प्रशासन की ओर से भी किसानों को ठोस उम्मीदें नजर नहीं आ रही। मुआवजा कम देने को कमेटी दोबारा बन सकती है वैदवाला गांव के किसान अभी बिजली टावर का मार्केट वैल्यू के तहत मुआवजा की मांग पर अड़े हैं। किसानों की मांग है कि दोबारा से नई कमेटी बनाई जाए। भूपेंद्र सिंह वैदवाला ने भिवानी के तोशाम का उदाहरण देते हुए बताया, तोशाम क्षेत्र में बिजली टावर लगे थे। वहां पर पहले प्रशासन ने प्रति एकड़ डेढ से ढाई करोड़ रुपए भी ज्यादा रेट लगा दिए थे। बाद में प्रशासन ने दोबारा कमेटी बनाकर नए सिरे से रि-वैल्यूएशन करवाई। इसके तहत किसानों को 45 से 50 लाख रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने का ऐलान किया था। भूपेंद्र सिंह बोले, मुआवजा कम देने के लिए कमेटी दोबारा बन सकती है, परंतु मुआवजा ज्यादा देने की बात आई तो यहां दोबारा कमेटी बनाने में क्या दिक्कत हो रही है। इस बारे में उन्होंने तोशाम के किसानों से संपर्क साधा है और प्रशासन को भी बताया है। अब दोबारा जवाब मिलने का इंतजार है। किसान बोले- पहले मुआवजा दिया जाए बिजली निगम की ओर से एसई पुष्पेंद्र सिंह व एक्सईएन ने किसानों को मीटिंग के लिए बुलाया था। निगम अधिकारियों ने टावर पर लाइन खिंचने व पेंडिंग कार्य पूरा करने के लिए दो से तीन दिन मांगे, जिसके बाद मुआवजा जल्द दिलाने का आश्वासन दिया। गांव के प्रतिनिधिमंडल ने कहा, पहले किसानों को मुआवजा दिया जाए। काम तो दो से तीन दिन का पेंडिंग है, उसे बाद में आराम से कर लेना। वरना तब तक वे काम को शुरू नहीं होने देंगे। प्रदर्शन के समय किसानों की मांग थी कि जब तब कमेटी बनाने एवं दोबारा वैल्यूएशन नहीं हो जाता, तब तक काम को रोका जाए। प्रशासन द्वारा काम बंद करने और दोबारा कमेटी बनाकर किसान का शामिल करने पर सहमति बनी थी। गांव वाले इन टावर लगाने के विरोध हैं, जिससे जमीन की कीमत घट जाती है। सिरसा के लिए लाई जा रही स्पेशल लाइन एचवीपीएन की ओर से हुकमावाली और चोरमोर के पास से 220 केवी लाइन से लीली करके ये लाइन सिरसा के 220केवी बिजली घर में लाई जा रही थी, ताकि डबल सर्किट यानी इमरजेंसी में दूसरा सोर्स हो जाता। निगम का दावा है कि इससे सिरसा को ब्लैक आउट होने से बचाया जा सकें। अब कोई ऑप्शन नहीं है और फतेहाबाद-सिरसा व मसीतां सिंगल लाइन है। किसानों ने पिछले सप्ताह इन टावर लगाने का विरोध कर दिया था और मार्केट वैल्यू के हिसाब से मुआवजा देने की मांग पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस द्वारा किसानों को खेत में जाने से रोकने पर वे टावर पर चढ़ गए। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी और मनदीप नाथवान के आने के बाद प्रशासन से मांगों पर सहमति बनी, 9 घंटे तक प्रदर्शन चला था।