समाचार · मध्य प्रदेश
उमरिया में 75% तक दलहन-तिलहन की फसलें बर्बाद:किसान बोले-बारिश से तिल-उड़द-मूंग-अरहर बर्बादी की कगार पर; धान पर भी 10-15% असर
उमरिया जिले में लगातार बारिश और करीब 25 दिनों से पर्याप्त धूप नहीं निकलने के कारण खरीफ फसलों पर संकट गहरा गया है। सबसे ज्यादा असर दलहन और तिलहन की फसलों पर हुआ है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, तिल, उड़द, मूंग और अरहर की करीब 70 से 75 प्रतिशत फसल खराब होने की हालत में पहुंच गई है। वहीं धान की फसल पर भी करीब 10 से 15 प्रतिशत तक असर होने का अनुमान है। दलहन-तिलहन पर सबसे ज्यादा असर कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह ने बताया कि लगातार बारिश और धूप की कमी से दलहन-तिलहन की फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। धान की बालियों में भी नुकसान और रोग फैल रहा है। किसान फसल बचाने के लिए दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं। धूप नहीं मिलने से रुकी पौधों की बढ़ोतरी विशेषज्ञों के मुताबिक, पौधों की अच्छी बढ़ोतरी के लिए सूर्य की रोशनी जरूरी होती है। लंबे समय तक धूप नहीं मिलने से प्रकाश संश्लेषण प्रभावित हुआ और पौधों की बढ़ोतरी धीमी हो गई। खेतों में लगातार पानी जमा रहने से कम पानी की जरूरत वाली दलहन-तिलहन फसलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। जुलाई में कभी कम तो कभी ज्यादा बारिश कृषि वैज्ञानिकों के आंकड़ों के मुताबिक, 11 से 20 जुलाई के बीच 52 प्रतिशत कम बारिश हुई। इससे धान की रोपाई में देरी हुई और बोई गई फसलों की बढ़ोतरी प्रभावित हुई। इसके बाद 21 से 30 जुलाई के बीच 70 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। वहीं 1 से 10 अगस्त तक 68 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद फिर ज्यादा बारिश और धूप की कमी से फसलों पर बुरा असर पड़ा। किसान बोले- दलहन-तिलहन लगभग खराब किसान राजकुमारी ने बताया कि दलहन-तिलहन की फसल लगभग पूरी तरह खराब हो गई है। धान की फसल में भी रोग लग रहा है, जिसके लिए दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। मौसम की लगातार मार से किसानों को उत्पादन में कमी और आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।