समाचार · मध्य प्रदेश
उमरी गांव की 'समृद्ध ग्राम' पहल को वैश्विक सम्मान:जेनेवा में ग्लोबल विनर बना,WSIS प्राइज 2026 में मिला पहला स्थान; केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मंत्रालय में बनवाया था
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र गुना के उमरी गांव से शुरू हुई 'समृद्ध ग्राम' पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। दूरसंचार विभाग (DoT) की इस परियोजना को वर्ल्ड समिट ऑन इन्फॉर्मेशन सोसाइटी (WSIS) प्राइज 2026 में 'इनएबलिंग एनवायरनमेंट' श्रेणी का ग्लोबल विनर घोषित किया गया है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने पूरी टीम को बधाई दी है। जेनेवा में मिला वैश्विक सम्मान स्विट्जरलैंड के जेनेवा में आयोजित WSIS फोरम 2026 के दौरान 'समृद्ध ग्राम: भारतनेट द्वारा सक्षम एकीकृत फिजिटल सेवा वितरण मॉडल' को विश्व स्तर पर पहला स्थान मिला। यह पुरस्कार ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के प्रभावी विस्तार और तकनीक के माध्यम से जनसेवाओं को आसान बनाने के लिए दिया गया है। उमरी गांव से हुई थी इस पहल की शुरुआत 'समृद्ध ग्राम' परियोजना का पहला समृद्धि केंद्र मध्य प्रदेश के गुना जिले के उमरी गांव में स्थापित किया गया था। इसका शुभारंभ केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया था। यह केंद्र भारतनेट की हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पर आधारित है, जहां ग्रामीणों को एक ही स्थान पर कई डिजिटल और सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक छत के नीचे मिल रही कई सुविधाएं इस मॉडल के तहत ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं, टेलीमेडिसिन, स्मार्ट क्लासरूम, ई-गवर्नेंस, कृषि परामर्श, वित्तीय समावेशन, ई-कॉमर्स, फाइबर टू द होम (FTTH) और सार्वजनिक Wi-Fi जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे गांव के लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। डिजिटल परिवर्तन का सफल मॉडल बना उमरी 'समृद्ध ग्राम' मॉडल ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण का नया उदाहरण पेश किया है। इससे न केवल सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान हुई है, बल्कि समय और खर्च की बचत, डिजिटल साक्षरता में वृद्धि तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी विकसित हुए हैं। सिंधिया ने दी टीम को बधाई वैश्विक सम्मान मिलने पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस उपलब्धि को भारत और ग्रामीण डिजिटल विकास के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और टीम के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान ग्रामीण भारत में डिजिटल क्रांति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय पहचान है।