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गुरुग्राम में प्रशासन का जलभराव में 'आपदा में अवसर':जलमग्न अंडरपास में सिविल डिफेंस ने उतारी नाव, डूबे लोगों को बचाने के लिए की मॉक ड्रिल
गुरुग्राम में भारी बारिश के बाद जलभराव के कारण जब शहर का सबसे व्यस्त राजीव चौक अंडरपास पूरी तरह डूब गया, तो सिविल डिफेंस की टीम ने इसे पानी से लबालब भरे अंडरपास में नावें और लाइफ जैकेट उतारकर डूबते लोगों को बचाने के लिए लाइव मॉक ड्रिल की। इसे प्रशासन की ओर से 'आपदा में अवसर' तलाशने की एक अनूठी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक रूटीन वॉटर रेस्क्यू अभ्यास था। आमतौर पर इस तरह के अभ्यास के लिए सिविल डिफेंस को शहर से काफी दूर ग्रामीण इलाकों के तालाबों या झीलों पर जाना पड़ता था, जिसमें समय और संसाधन दोनों खर्च होते थे। इस बार जब शहर के बीचों-बीच ही तालाब जैसा पानी जमा हो गया, तो टीम ने मौके का फायदा उठाते हुए यहीं अपनी मॉक ड्रिल पूरी कर ली। यात्रियों के लिए कई दिन से बंद पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के चलते नेशनल हाईवे-48 पर स्थित राजीव चौक अंडरपास पूरी तरह से जलमग्न हो गया। अंडरपास में करीब 4 से 5 फीट तक पानी भर जाने के कारण यात्रियों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया। इसी बीच, सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन की टीम लाइफ जैकेट, रस्सियों और नावों के साथ पानी से लबालब भरे इस अंडरपास में उतरी। टीम के सदस्यों ने पानी में डूबते लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और आपातकालीन स्थिति में त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने का लाइव अभ्यास किया। शहरी माहौल में रेस्क्यू का वास्तविक अनुभव
सिविल डिफेंस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह एक रूटीन मॉक ड्रिल थी, जिसका मुख्य उद्देश्य पानी में डूबे लोगों को बचाने की तकनीक को परखना और टीम की तैयारियों को अप-टू-डेट रखना था। इससे न केवल टीम का समय बचा, बल्कि लाइव शहरी माहौल में रेस्क्यू का वास्तविक अनुभव भी मिला। भविष्य की तैयारियों के लिए जरूरी है अभ्यास
आपदा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान अचानक आने वाली बाढ़ या जलभराव की स्थिति में लोगों की जान बचाना सबसे पहली प्राथमिकता होती है। ऐसे में सिविल डिफेंस का यह रूटीन वर्क भविष्य में किसी भी बड़े हादसे के वक्त मददगार साबित होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जलभराव को निकालने के लिए पंपिंग मशीनें लगातार काम कर रही हैं। लोगों का तंज
हालांकि इस मॉक ड्रिल के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर भी चल रहे हैं। जिस पर लोग तंज कर रहे हैं कि पानी की निकासी तो की नहीं गई बल्कि यहां नाव ही चला दी गई।