समाचार · मध्य प्रदेश
नरसिंहपुर में 22 करोड़ की सड़क 4 महीने में बदहाल:तेंदूखेड़ा-सहजपुर मार्ग पर बड़े गड्ढे; ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर मुरम डलवाई
नरसिंहपुर जिले मेंतेंदूखेड़ा से सहजपुर तक करीब 22 करोड़ रुपए की लागत से बन रही सड़क चार महीने में ही बदहाल हो गई। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। भारी वाहनों के फंसने से जाम लग रहा है। परेशान ग्रामीणों और वाहन चालकों ने चंदा जुटाकर गड्ढों में मुरम डलवाई, तब कहीं जाकर यातायात सुचारू हो सका। सड़क से कई जगह डामर उखड़ चुका है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। मार्ग के कुछ हिस्से खाई के किनारे से गुजरते हैं। ऐसे में गड्ढों से बचने के दौरान वाहन फिसलने से हादसे का खतरा बना हुआ है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह सड़क जोखिम भरी हो गई है। रात में नुकीली गिट्टियों और गड्ढों के कारण सफर करना और मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा प्रशासन और निर्माण एजेंसी की ओर से तत्काल सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों और वाहन चालकों ने आपस में चंदा किया। इसके बाद गड्ढों में मुरम डलवाकर सड़क को चलने लायक बनाया। स्थानीय निवासी जितेश रजक ने बताया कि सड़क का निर्माण करीब चार महीने पहले हुआ था। इतनी जल्दी सड़क खराब होने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने निर्माण में घटिया सामग्री या किसी तरह की अनियमितता की जांच कराने की मांग की। ट्रक-ट्रैक्टर फंसने से लगता है जाम वाहन चालक नारायण सिंह ठाकुर ने बताया कि बड़े गड्ढों में ट्रैक्टर और ट्रक फंस जाते हैं। इससे बार-बार जाम लगता है। सड़क पर पड़ी नुकीली गिट्टियों से वाहनों के टायर पंचर होने की समस्या भी बनी रहती है। उनका कहना है कि रात के समय इस मार्ग से गुजरना बेहद मुश्किल और असुरक्षित हो गया है। तहसीलदार बोलीं- अभी निर्माणाधीन है सड़क तेंदूखेड़ा की प्रभारी तहसीलदार एवं डिप्टी कलेक्टर सानू चौधरी ने बताया कि तेंदूखेड़ा-सहजपुर मार्ग अभी निर्माणाधीन है। इसका निर्माण MPRDC करा रहा है और सड़क का उद्घाटन भी अभी नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि सड़क का कुछ हिस्सा वन क्षेत्र से संबंधित स्वीकृति नहीं मिलने के कारण अधूरा है। वन स्वीकृति मिलने के बाद शेष काम पूरा कराया जाएगा। गड्ढों की स्थिति की जांच संबंधित एजेंसी से कराई जाएगी।