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जूनियर छात्रों को बेल्ट मारे, हाथों में जलते अंगारे रखे:सीनियर्स ने चोरी के आरोप में 3 बच्चों को पीटा, परिजन के पहुंचने पर सामने आई घटना
मंडला के पाठा सिहोरा स्थित राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह सरकारी छात्रावास में सीनियर 7वीं और 8 वीं के बच्चों ने जूनियर 6वीं के छात्रों के साथ मारपीट की है। बच्चों के हाथों पर कंडे के जलते अंगारे रखे गए और बेल्ट मारे। घटना सोमवार 21 सिंतबर की है। गुरुवार को बच्चों के परिजन ने मीडिया से बातचीत में घटना बताई, तब ये मामला सामने आया। जानकारी के मुताबिक, सीनियर छात्रावास के करीब नौ छात्रों ने जूनियर छात्रावास के तीन बच्चों को देर रात सोते समय उठाया। उन पर पैसे चोरी करने का आरोप लगाकर मारपीट की गई। इसके बाद बच्चों के हाथों में जलते अंगारे रखने का भी आरोप है। इस घटना में बच्चों के हाथ झुलस गए और छाले पड़ गए। इंचार्ज ने क्या बताया? छात्रावास अधीक्षक अनिल कुमार उइके जुनियर ने कहा कि घटना के वक्त छात्रावास मैं नहीं था, मैं बालाघाट गया था। उन्होंने आगे बताया कि सीनियर छात्रावास के अधीक्षक भी अवकाश पर थे, सिर्फ चौकीदार था। बच्चों के पिता से जानकारी मिलने पर उनका इलाज कराया गया है। परिजन क्या बोले? एक बच्चे ने बताया कि उसे रात करीब दो बजे उठाया गया था। सीनियर छात्रों ने चोरी का आरोप लगाते हुए बेल्ट से उसकी पिटाई की। इसके बाद उससे कहा गया कि जिसने चोरी नहीं की होगी, उसके हाथ नहीं जलेंगे। फिर उसके हाथ में जलता हुआ अंगारा रख दिया गया। बच्चे के मुताबिक, सीनियर छात्रों ने उसे छत से फेंकने और जान से मारने की धमकी भी दी। उन्होंने घटना के बारे में किसी को नहीं बताने के लिए भी कहा। एक बच्चे ने बाद में फोन पर अपने पिता राजेश कुलस्ते को घटना की जानकारी दी। राजेश कुलस्ते सिवनी जिले के जमुनिया गांव के रहने वाले हैं और नागपुर में मजदूरी करते हैं। बेटे की सूचना मिलने के बाद वे नागपुर से पाठा सिहोरा पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को पहले भी परेशान किए जाने की शिकायत की गई थी। अब वे मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं। परिजन के अनुसार, दो अन्य जूनियर छात्रों के साथ भी इसी तरह की घटना हुई है। जिम्मेदार क्या कह रहे? गुरुवार को मामला सामने आने के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने छात्रावास प्रबंधन पर कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त अरुण शुक्ला ने बताया कि सीनियर और जूनियर दोनों छात्रावास के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। घटना की जांच के लिए एक समिति भी बनाई गई है। जांच में बच्चों के साथ हुई घटना, जिम्मेदारी और छात्रावास की व्यवस्थाओं से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जाएगी।