समाचार · छत्तीसगढ़
म्यूल बैंक खाता देने वाला आरोपी दुर्ग से गिरफ्तार:19 राज्यों से मिली थीं शिकायतें, 75 लाख से ज्यादा का लेन-देन
राजनांदगांव में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए 'म्यूल बैंक अकाउंट' देने वाले एक आरोपी को बसंतपुर पुलिस और साइबर सेल राजनांदगांव की टीम ने दुर्ग जिले से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी दीपक पाल (24 वर्ष) दुर्ग के सुपेला थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। इसमें पुलिस मुख्यालय रायपुर और गृह मंत्रालय (I4C) के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी की जांच के बाद यह कामयाबी मिली। जांच में पता चला कि IDFC FIRST Bank में "जय अंबे फर्नीचर मार्ट" के नाम से चल रहे खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। आरोपी दीपक पाल के इस खाते में 5,88,404 रुपए की ठगी की रकम आई थी। खाते की डिटेल से अब तक कुल 75,02,500 रुपए के संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं। समन्वय पोर्टल की जांच में इस अकेले बैंक खाते से जुड़ी 19 अलग-अलग राज्यों से साइबर अपराध की शिकायतें मिली हैं। इस मामले में बसंतपुर थाने में अपराध क्रमांक 458/2026, धारा 317(2), 317(4), 317(5) BNS के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। 'म्यूल अकाउंट' उन बैंक खातों को कहते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी, फर्जी ट्रेडिंग और गेमिंग या सट्टेबाजी ऐप्स से मिली अवैध रकम को छिपाने या ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। अक्सर साइबर ठग लोगों को कमीशन या पैसों का लालच देकर उनके खाते किराए पर ले लेते हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को लालच या कमीशन के चक्कर में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग या UPI की जानकारी न दें। बैंक खाते का गलत इस्तेमाल होने पर खाताधारक के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।