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भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज अमेरिका में पकड़े गए, भाऊ पर मर्डर के 16 मामले; इंडिया लाने की तैयारी तेज

हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के मुताबिक, गैंगस्टर हिमांशु भाऊ, जिसका असली नाम हिमांशु रितोलिया है और नीरज कौशिक उर्फ नीरज फरीदपुरिया दोनों को पकड़ने के लिए करीब डेढ़ महीने से अभियान चलाया जा रहा था. पुलिस ने उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए तकनीकी जानकारी जुटाई और फिर अमेरिकी एजेंसियों के साथ जानकारी साझा की. अधिकारियों के अनुसार, दोनों एक ही ठिकाने पर मौजूद थे, जहां से उन्हें पकड़ा गया.
हिमांशु पर 41, नीरज पर 63 मामले दर्ज
हरियाणा STF के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, हिमांशु भाऊ के खिलाफ मर्डर और एटेंप टू मर्डर के 16 मामले सहित करीब 41 और नीरज फरीदपुरिया के खिलाफ करीब 63 आपराधिक मामले दर्ज हैं. ये मामले हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और दूसरे राज्यों से जुड़े हैं. अधिकारी ने कहा कि दोनों के खिलाफ दर्ज ज्यादातर मामले उस समय के हैं, जब वे अमेरिका में रह रहे थे.
पुलिस के मुताबिक, दोनों पर कारोबारियों, बिल्डरों और अन्य लोगों से रंगदारी वसूलने के लिए भारत में अपने गिरोह चलाने का आरोप है. हरियाणा पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. इसके साथ ही दूसरे राज्यों की पुलिस ने भी उन पर इनाम रखा था.
भारत लाने के बाद होगी पूछताछ
दिल्ली पुलिस के पूर्व डीसीपी एलएन राव ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि है और ऐसे मामलों में इंटरपोल के जरिए अंतरराष्ट्रीय समन्वय किया जाता है. उन्होंने कहा कि हिमांशु भाऊ से पूछताछ के जरिए गिरोह के दूसरे सदस्यों, उसकी गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी मिल सकती है.
वीडियो में देखें पूर्व डीसीपी ने क्या कहा-
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अमेरिका भागने का आरोप
STF अधिकारियों के अनुसार, नीरज 2019 में और हिमांशु भाऊ 2022 में भारत छोड़कर अमेरिका चले गए थे. आरोप है कि दोनों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया और अपनी पहचान बदल ली. अधिकारियों ने बताया कि इंटरपोल ने कुछ साल पहले दोनों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किए थे.
पुलिस के मुताबिक, अब दोनों को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अधिकारियों ने कहा कि इसमें समय लग सकता है, हालांकि कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
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एल्विश यादव के घर पर फायरिंग और बर्गर किंग हत्याकांड में भी नाम
हिमांशु भाऊ का गिरोह दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में कई चर्चित आपराधिक मामलों की जांच के दौरान सामने आया है. गुरुग्राम में 17 अगस्त 2025 को यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने गिरोह के दो शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया था. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि उन्होंने यह हमला नीरज फरीदपुरिया और हिमांशु भाऊ के निर्देश पर किया था. उनके मुताबिक, हमले के लिए हथियार, पैसे और दूसरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई थीं.
गिरोह का नाम 2024 में दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट में हुई गोलीबारी में भी सामने आया था. इस घटना में 26 वर्षीय एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी. हिमांशु भाऊ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था. पोस्ट में उसने मृतक पर अपने सहयोगी शक्ति दाद की 2020 में हुई हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था. गुरुग्राम में हरियाणवी गायक राहुल यादव उर्फ फाजिलपुरिया के एक करीबी सहयोगी की हत्या के मामले में भी इस गिरोह से जुड़े होने के आरोप सामने आए थे.