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JPSC-JSSC Protest: CM Hemant Soren के बड़े फैसले पर जयराम महतो का आया रिएक्शन, कह गए बड़ी बात

JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर पिछले 25 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार के फैसले पर डुमरी विधायक जयराम महतो की प्रतिक्रिया सामने आई है. सरकार की ओर से TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने समेत छात्रों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद जयराम महतो ने इसे झारखंड के छात्रों के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया है.
जयराम महतो ने अपने बयान में कहा कि पिछले 25 दिनों से झारखंड के छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC परीक्षाओं के विरोध में आंदोलन कर रहे थे. उन्होंने कहा कि छात्रों की कुछ मांगों पर सरकार पहले ही सहमत हो चुकी थी, लेकिन दो-तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाने के कारण आंदोलन लगातार जारी था.
'आधी रात छात्रों के पक्ष में आया सरकार का फैसला'
डुमरी विधायक ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में छात्रों की बची हुई मांगों पर भी फैसला लिया गया है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण मांग TDPL के माध्यम से ली गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने की थी.
जयराम महतो ने कहा कि छात्र इस मांग पर लगातार अड़े हुए थे और अंततः सरकार ने छात्रों के पक्ष में फैसला लिया. उन्होंने कहा कि छात्रों ने जिन मांगों और शर्तों को लेकर आंदोलन किया था, सरकार ने उन पर निर्णय लिया है.
उन्होंने इसे झारखंड के छात्रों के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि छात्रों की चट्टानी एकता, संघर्ष, त्याग और बलिदान ने यह दिखाया है कि लोकतंत्र में आंदोलन का क्या महत्व होता है.
'सड़कों पर छात्रों के आंदोलन ने कथन पर मुहर लगाई'
जयराम महतो ने अपने बयान में आंदोलन की लोकतांत्रिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, "जब सड़कें सूनी हो जाएं तो सदन आवारा हो जाता है." उन्होंने कहा कि सड़कों पर छात्रों के आंदोलन ने इस कथन पर मुहर लगाने का काम किया है.
उन्होंने कहा कि इस जीत और संघर्ष में आंदोलन से जुड़े सभी लोगों ने अपने-अपने स्तर से भूमिका निभाई. जयराम महतो ने आंदोलन में शामिल सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि जिन लोगों की भी इस आंदोलन में भूमिका रही, उन सभी को एक साथ हूल जोहार और क्रांतिकारी जोहार.
25 दिनों के आंदोलन के बाद सरकार का बड़ा फैसला
JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन पिछले 25 दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा था. छात्रों की मांग थी कि TDPL के माध्यम से आयोजित विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए.
सरकार के फैसले के बाद अब इस आंदोलन को लेकर सियासी प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है. जयराम महतो ने सरकार के फैसले को छात्रों की एकजुटता और लंबे संघर्ष की जीत बताया है. उनके बयान से साफ है कि वह इस पूरे घटनाक्रम का श्रेय आंदोलनरत छात्रों के संघर्ष को दे रहे हैं.