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Pope Leo XIV से मिले Ranchi के आर्चबिशप विंसेंट आईंद, भारत आने का दिया न्योता

INT News12 September 2026 at 08:43 am

रांचीः रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विंसेंट आईंद पिछले दिनों यूरोप की यात्रा पर गए थे. 20 अगस्त से 10 सितंबर तक चली इस यात्रा के दौरान उन्होंने इटली, बेल्जियम और स्वीट्जरलैंड का भ्रमण किया. रांची लौटने के बाद उन्होंने से अपनी यात्रा के संस्मरण साझा किए. इस यात्रा की सबसे अहम कड़ी 28 अगस्त को रोम में पोप लियो 14वें से हुई मुलाकात रही. इस दौरान आर्चबिशप विंसेंट आईंद के साथ कॉन्फ्रेंस ऑफ कैथोलिक बिशप्स ऑफ इंडिया (सीसीबीआई) के कार्डिनल फिलिप नेरी, आर्चबिशप पीटर मचाडो और फादर स्टीफन अलथारा भी मौजूद थे.

सीसीबीआई के मुद्दों और भविष्य की योजनाओं पर हुई चर्चा

आर्चबिशप विंसेंट आईंद ने बताया कि मुलाकात के दौरान उन्होंने पोप को सीसीबीआई से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी. साथ ही सीसीबीआई की भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा हुई. इस दौरान पोप को भारत आने का निमंत्रण भी दिया गया. हालांकि, पोप कब भारत आएंगे, यह वेटिकन और भारत सरकार पर निर्भर करता है. आर्चबिशप ने बताया कि पोप रांची महाधर्मप्रांत के बारे में अच्छी राय रखते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी कलीसिया एक आदिवासी कलीसिया है और इसी वजह से यह अनूठी है.

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फादर कांस्टेंट लीवंस से जुड़े स्थानों को देखा

आर्चबिशप ने बताया कि बेल्जियम यात्रा का मुख्य उद्देश्य छोटानागपुर के प्रेरित फादर कांस्टेंट लीवंस के जीवन से जुड़े स्थानों को देखना था. इस दौरान उन्होंने बेल्जियम में फादर कांस्टेंट लीवंस के गांव, पल्ली और उनके स्कूल सहित अन्य स्थानों का भ्रमण किया. उन्होंने बताया कि दिसंबर महीने में बेल्जियम के छात्रों का एक दल रांची की यात्रा पर आएगा. आर्चबिशप ने कहा कि छोटानागपुर में सबसे पहले बेल्जियम के मिशनरियों ने ही सेवा कार्य शुरू किया था. आज भी बेल्जियम के लोगों के दिलों में हमारे प्रति हमदर्दी है और वे हमसे अपने संबंध बनाए रखना चाहते हैं.

बेल्जियम के सहयोग से गरीब बच्चों की पढ़ाई

आर्चबिशप ने बताया कि बेल्जियम और रांची के बीच बने इस संबंध का एक उदाहरण संत जेवियर्स स्कूल, डोरंडा का आउटरीच प्रोग्राम है. इसके तहत गरीब बच्चों को पढ़ाया जाता है. इस कार्यक्रम में बेल्जियम के लोगों से मिली राशि का भी उपयोग किया जाता है.

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