Thursday, 9 July 2026
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मप्र का यूसीसी: लिव-इन संबंधों का अनिवार्य पंजीयन:अलग होने पर भी अपनानी होगी तय कानूनी प्रक्रिया, सरकार का मसौदा अंतिम चरणों में

INT News9 July 2026 at 12:01 am

मध्यप्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मसौदा अंतिम चरण में तैयार कर रही है। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार राज्य में लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीयन अनिवार्य किया जा सकता है। इसके साथ ही यदि लिव-इन में रहने वाला जोड़ा अलग होना चाहता है तो केवल मौखिक सहमति से रिश्ता समाप्त नहीं होगा, बल्कि विवाह विच्छेद जैसी निर्धारित प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी। सूत्रों के मुताबिक मसौदे को अंतिम रूप देने का काम लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधि विभाग के स्तर पर इसकी समीक्षा की जा रही है। जल्द ही इसे राज्य सरकार के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। प्रदेश सरकार ने मसौदा तैयार करते समय उत्तराखंड यूसीसी के कई प्रावधानों का अध्ययन किया, लेकिन उनमें करीब 100 संशोधन कर अपने सामाजिक और कानूनी परिवेश के अनुरूप करीब 30 प्रमुख प्रावधान शामिल किए हैं। बताया जा रहा है कि राज्य की सामाजिक परिस्थितियों और जनजातीय समुदायों की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए कई बदलाव किए गए हैं। कोर्ट में चुनौती की संभावना कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मसौदा वर्तमान स्वरूप में लागू होता है, तो लिव-इन और उत्तराधिकार से जुड़े कुछ प्रावधानों को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। हालांकि अंतिम स्थिति सरकार द्वारा विधेयक पेश करने और उसके पारित होने के बाद ही स्पष्ट होगी। ये खबर भी पढ़ें… हिंदू एक शादी करता है…ऐसा कानून सभी के लिए हो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- एमपी में इसी महीने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) आएगा। हिंदू भाई एक शादी करता है और सात फेरे लेता है, तो सभी के लिए ऐसा ही कानून होना चाहिए। कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती है। वह फिर दावा करेगी कि यह कानून किसी धर्म विशेष के खिलाफ है। कांग्रेसियों को याद रखना चाहिए कि एक समान नागरिक संहिता हर हाल में लागू की जाएगी।पूरी खबर पढ़ें