Monday, 17 August 2026
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फरीदकोट में कलम छोड़ हड़ताल से सरकारी कामकाज प्रभावित:45 विभागों के कर्मचारी उतरे मैदान में, 27 अगस्त को पंजाब बंद की चेतावनी

INT News17 August 2026 at 01:55 pm

पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन की प्रांतीय कमेटी के आह्वान पर फरीदकोट के मिनी सचिवालय स्थित विभिन्न सरकारी दफ्तरों में मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने दो दिवसीय कलम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सरकारी दफ्तरों में कामकाज प्रभावित हुआ। वहीं अपने जरूरी काम करवाने के लिए कार्यालयों में पहुंचे लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, राज्य के मिनिस्टीरियल कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, डीए की बकाया किस्तें जारी करना, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करना तथा अन्य लंबित मांगों को पूरा करना शामिल है। इस संबंध में मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन के प्रांतीय नेता गुरनाम सिंह विर्क ने बताया कि मांगों को लेकर हाल ही में चंडीगढ़ में प्रदेश स्तरीय रैली भी आयोजित की गई थी। इसी संघर्ष को आगे बढ़ाते हुए 17 और 18 अगस्त को राज्यभर के करीब 45 विभागों के मिनिस्टीरियल कर्मचारियों द्वारा कलम छोड़ हड़ताल की जा रही है।उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। 27 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया गया है, जिसके तहत सरकारी मशीनरी को पूरी तरह ठप करने की चेतावनी दी गई है। हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद डीए का भुगतान नहीं दे रही सरकार- कर्मचारी नेता गुरनाम सिंह विर्क ने कहा कि डीए की बकाया किस्तों के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भी कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दे चुका है, लेकिन इसके बावजूद सरकार भुगतान करने में आनाकानी कर रही है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और अन्य मांगों को लेकर भी सरकार कर्मचारियों के साथ बातचीत करने से पीछे हट रही है। यूनियन नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान नहीं किया तो संघर्ष को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के कर्मचारी और पेंशनर अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का फैसला कर चुके हैं।