Sunday, 9 August 2026
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2 साल में दिखा दिया 6 भाई-बहनों का जन्म, SIR के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए

INT News9 August 2026 at 08:23 am

हरिद्वार में एसआईआर में मतदाता सूची की ऐसी प्रविष्टियां सामने आई हैं, जिनमें छह भाई-बहनों की उम्र का अंतर महज दो साल दर्ज है। कहीं 72 साल की उम्र में पिता बनने तो कहीं तीन भाइयों की उम्र एक समान दर्ज मिली है। अधिकारियों ने संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच शुरू कर दी है।मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हरिद्वार जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में ऐसी प्रविष्टियां सामने आई हैं, जिन्होंने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। कलियर क्षेत्र में पिता की उम्र 30 साल और बेटे की उम्र 18 साल दर्ज होने का मामला भी सामने आया है। एसआईआर के दौरान हरिद्वार ग्रामीण, कलियर, मंगलौर और लक्सर विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची की प्रविष्टियों का सत्यापन किया जा रहा है। इसी दौरान उम्र, पारिवारिक संबंध और अन्य विवरणों में कई तरह की विसंगतियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार ये प्रविष्टियां प्रथम दृष्टया संदिग्ध हैं। इनके वास्तविक तथ्यों की पुष्टि के लिए संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।पिता 72 साल का बेटा 18 साल काजांच के दौरान एक मामले में पिता की उम्र 72 साल और बेटे की उम्र 18 साल दर्ज मिली। इसी तरह 54 साल की उम्र में पिता बनने की प्रविष्टि भी सामने आई। एक परिवार में छह भाई-बहनों के बीच उम्र का अंतर केवल दो साल दर्ज है। तीन भाइयों की उम्र भी मतदाता सूची में एक समान दर्ज मिली। कलियर में पिता की उम्र 30 साल और बेटे की उम्र 18 साल दर्ज होने का मामला सामने आने के बाद संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। सत्यापन के दौरान सामने आने वाली प्रत्येक संदिग्ध प्रविष्टि की नियमानुसार जांच की जा रही है। लोगों को भी अपना पक्ष रखने का समय दिया जाएगा।नोटिस के बाद होगी दस्तावेजों की जांचसंदिग्ध प्रविष्टियों को लेकर संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के बाद संबंधित व्यक्ति अपने दस्तावेज और सही जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर आवश्यक सुधार किया जाएगा।वोटर लिस्ट में उम्र का अंतर बना चर्चा का विषयएसआईआर के दौरान सामने आईं कुछ प्रविष्टियां क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि केवल मतदाता सूची में दर्ज उम्र के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। सत्यापन और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।