समाचार · मध्य प्रदेश
खंडवा में ब्रजवासी घी पर फूड सेफ्टी की कार्रवाई:153 लीटर स्टॉक जब्त, मिलावट की आशंका में सैंपल लैब भेजे
गुजरात से खंडवा और आसपास के जिलों में सप्लाई हो रहे ब्रजवासी ब्रांड के घी को लेकर फूड सेफ्टी विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने शहर के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक एजेंसी फर्म से 153 लीटर घी जब्त किया है। घी में मिलावट की आशंका के चलते इसके सैंपल लिए गए हैं और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घी की पैकेजिंग और बाजार में इसकी कीमत को देखते हुए इसके मिलावटी होने की आशंका बनी है। डॉली एरोमेटिक प्रतिष्ठान से जब्त हुआ घी फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर राधेश्याम गोले ने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत शनिवार देर शाम शहर के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित डॉली एरोमेटिक प्रतिष्ठान पर कार्रवाई की गई। फर्म के यहां से ब्रजवासी ब्रांड के घी के सैंपल लिए गए और मौके पर मौजूद 153 लीटर स्टॉक को जब्ती में लिया गया। अधिकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई घी में मिलावट की आशंका को देखते हुए की गई है। अब प्रयोगशाला जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घी निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं। 400-500 रुपए किलो में बिक रहा था घी फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ब्रजवासी घी को फर्म की ओर से शुद्ध देशी घी बताया गया है। हालांकि, इसकी बाजार कीमत को लेकर विभाग ने संदेह जताया है। अधिकारियों का कहना है कि देशी घी की लागत ही करीब 1,000 रुपए प्रति किलो तक पहुंचती है, जबकि संबंधित ब्रांड का घी बाजार में करीब 400 से 500 रुपए किलो की कीमत में बिक रहा था। कीमत में इस अंतर के अलावा पैकेजिंग को लेकर भी अधिकारियों ने सवाल उठाए हैं। इन्हीं आधारों पर घी के स्टॉक को जब्त कर सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। गुजरात में होती है ब्रजवासी घी की मैन्युफैक्चरिंग फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के मुताबिक, ब्रजवासी घी का निर्माण गुजरात की वेरोना प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है। खंडवा में कारोबारी अनिल शामनानी की फर्म डॉली एरोमेटिक प्रतिष्ठान के माध्यम से इसकी सप्लाई खंडवा और आसपास के जिलों में की जाती है। विभाग अब घी की गुणवत्ता और इसमें किसी तरह की मिलावट है या नहीं, इसकी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। पिछले महीने मोबाइल लैब में संदिग्ध मिले थे सैंपल अधिकारियों के अनुसार, विभाग ने पिछले महीने भी ब्रजवासी घी के सैंपल लिए थे। इन सैंपल की जांच चलित मोबाइल लैब में की गई थी। प्रारंभिक जांच के दौरान सैंपल संदिग्ध पाए गए थे। इसके बाद विभाग ने संबंधित फर्म के स्टॉक पर नजर रखी और शनिवार को दोबारा कार्रवाई करते हुए 153 लीटर घी जब्त कर लिया। अब विस्तृत जांच के लिए सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घी में मिलावट की आशंका के आधार पर स्टॉक जब्त किया गया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता और मानकों के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच रिपोर्ट में घी अमानक या मिलावटी पाया जाता है तो संबंधित फर्म और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। 153 लीटर घी जब्त, जांच रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल विभाग ने 153 लीटर ब्रजवासी घी जब्त कर लिया है और सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि घी वास्तव में मिलावटी है या गुणवत्ता संबंधी अन्य मानकों पर खरा नहीं उतरता। फूड सेफ्टी विभाग की इस कार्रवाई के बाद खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में ब्रजवासी घी की सप्लाई को लेकर भी निगरानी बढ़ने की संभावना है।