Saturday, 1 August 2026
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भोपाल में पहली बार PIT-NDPS के तहत कार्रवाई:जेल से छूटते ही फिर शुरू की तस्करी; भोपाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई

INT News1 August 2026 at 12:02 am

भोपाल पुलिस ने शहर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए पहली बार PIT-NDPS एक्ट, 1988 के तहत एक आदतन गांजा तस्कर के खिलाफ निवारक निरोध (प्रिवेंटिव डिटेंशन) की कार्रवाई की है। भोपाल संभाग के आयुक्त ने शेलू उर्फ शैलेश संकत के खिलाफ छह माह के निरोध का आदेश जारी किया है। आरोपी को केंद्रीय जेल इंदौर में निरुद्ध किया जाएगा। पुलिस के अनुसार बागसेवनिया निवासी 35 वर्षीय शेलू उर्फ शैलेश संकत वर्ष 2020 से लगातार अवैध गांजा के संग्रहण, परिवहन और बिक्री में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित कुल 42 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि हाल ही में जेल से रिहा होने के बाद उसने फिर से मादक पदार्थों की तस्करी शुरू कर दी थी और पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए बिचौलियों और एजेंटों के जरिए अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। मुख्यमंत्री के "नशे से दूरी" अभियान के तहत थाना बागसेवनिया पुलिस ने आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड, गतिविधियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर PIT-NDPS एक्ट के तहत विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भोपाल संभाग आयुक्त को भेजा था। प्रस्ताव के परीक्षण के बाद छह माह के निरोध का आदेश जारी किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सामान्य आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी और जमानत के बावजूद आरोपी लगातार अपराध कर रहा था। ऐसे में समाज और विशेष रूप से युवाओं पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को देखते हुए उसके खिलाफ निवारक निरोध की कार्रवाई जरूरी समझी गई। क्या है PIT-NDPS एक्ट? PIT-NDPS (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) Act, 1988 एक निवारक निरोध कानून है। इसके तहत ऐसे लोगों को, जिनके भविष्य में भी मादक पदार्थों की तस्करी जारी रखने की आशंका हो, निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत बिना किसी नए अपराध के फैसले का इंतजार किए निरुद्ध किया जा सकता है। इस कानून में अधिकतम एक वर्ष तक निरोध का प्रावधान है। भोपाल पुलिस का कहना है कि शहर में यह पहली कार्रवाई है और इसका उद्देश्य संगठित ड्रग नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा आदतन नशा तस्करों को स्पष्ट संदेश देना है कि भविष्य में भी उनके खिलाफ इसी तरह की कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।