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कटघोरा अटल परिसर निर्माण में बड़ा घोटाला उजागर:ब्रॉन्ज की जगह सीमेंट मूर्ति, CMO बर्खास्तगी की मांग पर कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन
कोरबा जिले के कटघोरा नगर पालिका परिषद में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बने 'अटल परिसर' के निर्माण में भारी अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि करोड़ों की लागत वाले इस परिसर में ब्रॉन्ज धातु की मूर्ति के स्थान पर सीमेंट की मूर्ति स्थापित की गई। पहली बारिश में ही मूर्ति का पेंट उखड़ने से घटिया निर्माण की पोल खुल गई। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद क्षेत्रीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में निर्माण कार्य में कई खामियां पाई गईं, विशेषकर मूर्ति की गुणवत्ता, फिनिशिंग और उपयोग की गई सामग्री को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। इस परिसर के निर्माण में लगभग 13.60 लाख रुपए खर्च होने की बात सामने आई है, जिसके बाद घोटाले के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह मामला सामने आने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ही दलों ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) को बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बनी इस योजना में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस भी इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और विधायक देवेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का आरोप लगाया है। इसी क्रम में, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास सिंह अपने कार्यकर्ताओं के साथ कटघोरा नगर पालिका कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने भ्रष्टाचारी CMO को तत्काल निलंबित करने की मांग की। विकास सिंह ने घोषणा की है कि जब तक दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और CMO को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यपालन अभियंता अली बक्श ने भी प्रतिमा निर्माण में गड़बड़ी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया, "प्रथम दृष्टया मूर्ति में खामी दिख रही है। पहली नजर में यह कहा जा सकता है कि मूर्ति सही नहीं है।" स्थानीय नागरिकों ने इस पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बनने वाला 'अटल परिसर' अब भ्रष्टाचार की निशानी बन गया है। पहली बारिश में ही पेंट उखड़ने और घटिया सामग्री के इस्तेमाल से लोगों में नाराजगी है।