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साहिल वाकोडे के माता-पिता का आजाद मैदान में भूख हड़ताल, कहा- गिरफ्तार करो, तभी खत्म होगा अनशन

IIT Bombay Student Death: आईआईटी-मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे की मौत को लेकर परिवार का विरोध तेज हो गया है. साहिल के माता-पिता ने मुंबई के आजाद मैदान में अनशन शुरू कर दिया है. उन्होंने संस्थान में कथित प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है. परिवार ने कहा कि जिन लोगों ने साहिल को परेशान किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात कर जल्द जांच की मांग वाला ज्ञापन सौंपा.
पिता बोले- जांच पर सवाल नहीं, लेकिन प्रोफेसर की गिरफ्तारी हो
प्रदर्शन के दौरान साहिल के पिता रविंद्र वाकोड़े ने कहा कि परिवार पुलिस जांच पर सवाल नहीं उठा रहा है, लेकिन मामले में तेजी से कार्रवाई चाहता है. रविंद्र वाकोड़े ने अपने बेटे की पढ़ाई और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि साहिल एक मेधावी छात्र था और AI तथा रोबोटिक्स से जुड़ी 50 छात्रों की एक टीम का नेतृत्व कर रहा था. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे होनहार छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पूरी सच्चाई जल्द सामने आनी चाहिए.
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18 सितंबर को हुई थी साहिल की मौत
साहिल वाकोड़े IIT बॉम्बे में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र थे. उनकी 18 सितंबर को मौत हो गई थी. मामले की जांच फिलहाल मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है. प्रारंभिक जांच में पुलिस ने परीक्षा हॉल और कैंपस के CCTV फुटेज की जांच की है. पुलिस के मुताबिक 18 सितंबर को दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच साहिल परीक्षा हॉल में थे. परीक्षा खत्म होने से करीब 15 मिनट पहले एक प्रोफेसर ने उनसे कुछ पूछताछ की और उन्हें अन्य छात्रों से अलग ले गए.
हॉस्टल पहुंचने के बाद कमरे से बाहर नहीं निकला साहिल
क्राइम ब्रांच के मुताबिक परीक्षा हॉल से निकलने के बाद साहिल कैंपस में कुछ समय तक घूमे और करीब 1:25 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचे. इसके बाद वे कमरे से बाहर नहीं निकले. इस मामले की जांच ACP रैंक के अधिकारी कर रहे हैं और DCP डिटेक्शन-I इसकी निगरानी कर रहे हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी तरह की अटकल न लगाएं.
IIT बॉम्बे ने बनाई 10 सदस्यीय कमेटी
IIT बॉम्बे ने भी साहिल की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए 10 सदस्यीय कमेटी गठित की है. संबंधित प्रोफेसर को प्रशासनिक जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है और जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजा गया है. इस बीच राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने भी गुरुवार को IIT बॉम्बे कैंपस का दौरा किया. उन्होंने मामले से जुड़े हालात की जानकारी ली और मौके पर जांच की.
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