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यूपीएससी में 184वीं रैंक से जमुई की पहली महिला एसडीपीओ तक, जानिए आईपीएस दीप्ति मोनाली का पूरा सफर

INT News24 September 2026 at 10:49 pm

JamuI News: जमुई में नाबालिग छात्रा से जुड़ी घटना की जांच अब आईपीएस अधिकारी दीप्ति मोनाली की अगुवाई वाली विशेष जांच टीम यानी एसआईटी करेगी. जमुई सांसद अरुण भारती के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है.

इस घटना के बाद दीप्ति मोनाली एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन पुलिस सेवा में उनका सफर इससे कहीं पहले शुरू हो चुका था. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा-2023 में ऑल इंडिया 184वीं रैंक हासिल करने के बाद वह भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुईं. 2024 बैच की बिहार कैडर की आईपीएस अधिकारी के रूप में उन्होंने प्रशिक्षण के बाद पुलिस सेवा में कदम रखा.

पूर्वी चंपारण से जुड़ा परिवार, पटना में हुई पढ़ाई

दीप्ति मोनाली मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से जुड़ी हैं, जबकि उनकी परवरिश पटना में हुई. उन्होंने पटना के डीएभी से स्कूली शिक्षा हासिल की. इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय पहुंचीं.

दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से उन्होंने दर्शनशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई की. इसके बाद मिरांडा हाउस से दर्शनशास्त्र में ही स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की.

दर्शनशास्त्र की पढ़ाई के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी और यूपीएससी में सफलता ने उनके करियर की दिशा बदल दी. वर्ष 2023 की सिविल सेवा परीक्षा में 184वीं रैंक हासिल करने के बाद उनका चयन आईपीएस के लिए हुआ.

यूपीएससी की सफलता के बाद पुलिस सेवा की ट्रेनिंग

आईपीएस में चयन के बाद दीप्ति मोनाली ने हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण लिया. इसके बाद उनकी फील्ड ट्रेनिंग बिहार के गया जिले में प्रशिक्षु सहायक पुलिस अधीक्षक यानी ट्रेनी एएसपी के रूप में हुई.

गया में पुलिस प्रशासन, कानून-व्यवस्था और फील्ड पुलिसिंग का अनुभव हासिल करने के बाद उन्हें जमुई सदर अनुमंडल के एसडीपीओ की जिम्मेदारी मिली.

जमुई की पहली महिला एसडीपीओ बनीं

सितंबर 2026 में दीप्ति मोनाली ने जमुई सदर एसडीपीओ का पदभार संभाला. इसके साथ ही वह जमुई सब-डिवीजन की पहली महिला एसडीपीओ बनीं. पदभार संभालते समय उन्होंने निष्पक्ष अनुसंधान, त्वरित न्याय, आम नागरिकों की सुरक्षा और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस को अपनी प्राथमिकताओं में बताया था.

उन्होंने जमुई शहर की यातायात व्यवस्था, अवैध पार्किंग और प्रमुख इलाकों में जाम की समस्या को भी प्राथमिकता से देखने की बात कही थी. साथ ही पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया था.

JamuI News: अब जमुई कांड की जांच की बड़ी जिम्मेदारी

19 सितंबर को जमुई में एक नाबालिग छात्र और छात्रा को कुछ लोगों द्वारा रोककर कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी. मामले में पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है.

इसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई और इसकी कमान जमुई एसडीपीओ दीप्ति मोनाली को सौंपी गई. अब एसआईटी घटना से जुड़े तथ्यों, आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी.

यानी यूपीएससी की 184वीं रैंक से शुरू हुआ सफर अब जमुई में पुलिसिंग की अहम जिम्मेदारी तक पहुंच चुका है. एक ओर उनके सामने जमुई सदर अनुमंडल में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा की चुनौती है, तो दूसरी ओर हालिया छात्रा मामले की जांच की जिम्मेदारी भी उनके नेतृत्व वाली एसआईटी के पास है.

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