समाचार · मध्य प्रदेश
सीधी में पहाड़ी से खिसक रही मिट्टी, भूस्खलन का खतरा:मूसलाधार बारिश से 40 गांवों का संपर्क जोखिम में
सीधी जिले के सोन नदी स्थित भवरसेन घाट पर शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। सुबह करीब 7 बजे मूसलाधार बारिश से सोन नदी का पुल पानी में डूब गया, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया। इस स्थिति से सीधी मुख्यालय और रामपुर नैकिन तहसील के लगभग 40 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। लगभग 500 मीटर लंबे इस पुल पर पानी भर जाने से सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है, जो यात्रियों और वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा कर रहा है। पहाड़ी से मिट्टी का कटाव बारिश का असर केवल पुल तक ही सीमित नहीं रहा। भवरसेन पहाड़ी के किनारे बनी सड़क पर लगातार मिट्टी का कटाव और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। पहाड़ी की तलहटी से मिट्टी और मलबा धीरे-धीरे खिसकने लगा है, जिससे यह कभी भी सड़क पर आ सकता है और मार्ग से गुजरने वालों की सुरक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर लोगों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में ऐसी परेशानियों से बचा जा सके। मिट्टी खिसकने का वीडियो सामने आया रामपुर नैकिन थाना प्रभारी सुधांसु तिवारी ने बताया कि पहाड़ी की मिट्टी लगातार खिसक रही है और इसका वीडियो भी सामने आया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस मार्ग से केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही गुजरें और पूरी सावधानी बरतें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं मिट्टी या मलबा गिरता हुआ दिखाई दे तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। वाहन चालकों पर खतरा स्थानीय ग्रामीण शैलेंद्र सिंह सेंगर ने जानकारी दी कि क्षेत्र में मिट्टी का कटाव काफी तेज हो गया है। लगातार बारिश के कारण पुल के ऊपर पानी भर गया है, जिससे सड़क के गड्ढे अदृश्य हो गए हैं। ऐसे में वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।