Saturday, 24 October 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

national

‘मॉक पार्लियामेंट’ के जरिए सरकार को सरप्राइज देने की तैयारी में INDIA ब्लॉक, 1 नवंबर को विपक्ष करेगा शक्ति प्रदर्शन

INT News24 October 2026 at 07:09 am

विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध तेज करने की तैयारी में है. रिपोर्ट के अनुसार, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली से पहले, विपक्ष 28 अक्टूबर को राजधानी में ‘मॉक पार्लियामेंट’ आयोजित करने पर विचार कर रही है. इसमें SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे जैसे मुद्दे उठाए जा सकते हैं. इसके अलावा विपक्ष सरकार को घेरने के लिए सरप्राइज की तैयारी भी चल रही है.

मॉक पार्लियामेंट का मतलब होता है, संसद का प्रतीकात्मक सत्र, जिसमें असली संसद की तरह बहस और चर्चा की जाती है, लेकिन यह संसद का आधिकारिक सत्र नहीं होता. इसमें सांसद या दूसरे प्रतिभागी संसद सदस्यों की तरह भूमिका निभाते हैं और किसी मुद्दे पर चर्चा करते हैं. इसका मकसद किसी मुद्दे को जनता के सामने उठाना, सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाना या अपनी मांगों को मजबूती से रखना होता है.

28 अक्टूबर को हो सकती है ‘मॉक पार्लियामेंट’

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन दिल्ली में 28 अक्टूबर को संसद के सत्र की तर्ज पर एक ‘मॉक पार्लियामेंट’ आयोजित करने की योजना बना रहा है. इसमें सांसदों और दूसरे लोगों के शामिल होने की संभावना है. हालांकि, यह कार्यक्रम बड़े स्तर पर नहीं होगा. इसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ रैली के दौरान विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल सकता है. इस रैली का मकसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाना है.

ये भी पढ़ें: SIR प्रोटेस्ट : नेहा बोरा की याचिका खारिज, जानिए हाई कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को क्या दिया निर्देश

मॉक पार्लियामेंट में SIR और CEC के इस्तीफे पर होगी चर्चा

रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित मॉक सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग, उनके इस्तीफे और एसआईआर जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. मॉक पार्लियामेंट के जरिए विपक्ष इन मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने और सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है.

इस दौरान विपक्षी गठबंधन केवल पुराने मुद्दों तक सीमित नहीं रहना चाहता. रिपोर्ट के अनुसार विपक्ष सरकार को घेरने के लिए कुछ नई मांगों पर भी विचार कर रही है, जिनका खुलासा अभी नहीं किया गया है. मीडिया रिपोर्ट में एक पदाधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि तकनीकी विशेषज्ञों के कुछ समूह इस दिशा में काम कर रहे हैं. जिसको लेकर आंदोलन का एजेंडा भी बढ़ाया जा सकता है.

ये भी पढ़ें: चीन से सीमा विवाद पर खरगे ने PM मोदी से मांगा जवाब, MEA ने कहा- चीनी सेना की हरकतों से बिगड़ते हैं हालात

अक्टूबर से विपक्ष कर रहा विरोध प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग और SIR को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन अक्टूबर से जारी है. मीडिया रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर कथित गड़बड़ियों को लेकर किए गए खुलासे के बाद, छह अक्टूबर को INDIA ब्लॉक ने चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च किया था. इसके बाद नौ अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन और उसके बाद 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था.