समाचार · मध्य प्रदेश
कांग्रेस विधायक बोले- जानवर मारने में आदिवासियों के साथ रहूंगा:भाजपा ने कहा- कार्रवाई, मुकदमों से कौन बचाएगा? समाज बाघ को देवता मानकर पूजता
बालाघाट में बाघ के हमलों में एक महिला की मौत और एक युवक के घायल होने के बाद क्षेत्रीय विधायक मधु भगत के दिए विवादित बयान पर राजनीति गरमा गई है। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने उनके इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। एक दिन पहले मृतक सुगनीबाई के परिवार से मिलने पहुंचे विधायक मधु भगत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस दिन आदिवासियों के हाथ में तीर-कमान आ गया, वे गिन-गिनकर जानवरों का शिकार करेंगे। विधायक ने यहां तक कह दिया कि वन्यजीवों पर हमला करने के लिए वे खुद आदिवासियों के साथ सबसे आगे खड़े रहेंगे। भोपाल तक आंदोलन की चेतावनी विधायक ने कान्हा पार्क प्रबंधन और वन विभाग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक तरफ जानवरों को मारने पर जेल भेजा जाता है, तो दूसरी तरफ उनके हमलों में लोगों के मरने पर मुआवजा बांटा जाता है। उन्होंने इस व्यवस्था को शर्मनाक बताते हुए चेतावनी दी कि अगर प्रबंधन में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो बालाघाट से लेकर भोपाल तक उग्र आंदोलन किया जाएगा और विभाग के भ्रष्टाचार की पोल खोली जाएगी। भाजपा ने साधा निशाना, कहा- उकसाने वाला बयान भाजपा ने विधायक के इस बयान को भड़काऊ करार दिया है। युवा भाजपा नेता रामेश्वर कटरे ने पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि अगर आदिवासी विधायक के बहकावे में आकर जानवरों को मारने लगे, तो कल को उन्हें कानूनी कार्रवाई और मुकदमों से कौन बचाएगा? 'आदिवासी बाघदेवता की पूजा करते हैं, हत्या की बात गलत' रामेश्वर कटरे ने विधायक के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि आदिवासी समाज बाघ को जानवर नहीं बल्कि 'बाघदेवता' मानकर पूजता है, जबकि विधायक उनकी हत्या करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि अगर विधायक को वाकई क्षेत्र की जनता की चिंता है, तो उन्हें बयानबाजी करने के बजाय अपनी विधायक निधि से जंगल से सटे गांवों के आसपास फेंसिंग करानी चाहिए।