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दुमका में जुटेंगे दक्षिण एशिया के जेसुइट प्रोविंशियल, फादर अजीत खेस संभालेंगे नई जिम्मेदारी

INT News24 October 2026 at 12:38 pm

Jesuit South Asia Conference: सोसायटी ऑफ जीसस के दक्षिण एशिया के प्रोविंशियलों की अर्धवार्षिक बैठक 25 अक्तूबर से दुमका में शुरू होगी. करीब एक सप्ताह तक चलने वाली इस बैठक में भारत के अलावा नेपाल और श्रीलंका के प्रोविंशियल हिस्सा लेंगे. इसके साथ ही रोम में दक्षिण एशिया मामलों के प्रभारी भी बैठक में शामिल होंगे. रांची प्रोविंस के प्रोविंशियल फादर फ्रांसिस मिंज भी बैठक में हिस्सा लेने के लिए दुमका पहुंच गये हैं.

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शिक्षा और भविष्य की योजनाओं पर होगा मंथन

बैठक में सोसायटी ऑफ जीसस से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी. संस्था की प्रमुख गतिविधियों में शिक्षा शामिल है. ऐसे में इससे जुड़े शिक्षण संस्थानों के कामकाज, मौजूदा परिस्थितियों और भविष्य की योजनाओं पर विशेष रूप से विचार किया जायेगा. खासकर सुदूर और दूरदराज के क्षेत्रों में संचालित शिक्षण संस्थानों की जरूरतों पर चर्चा होगी. स्कूली शिक्षा की स्थिति का आकलन करने के साथ यह भी विचार किया जायेगा कि इन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को किस तरह बेहतर बनाया जा सकता है. बैठक में आध्यात्मिक चिंतन भी होगा.

फादर अजीत खेस संभालेंगे दक्षिण एशिया कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष का प्रभार

इस बैठक के दौरान फादर अजीत खेस सोसायटी ऑफ जीसस के दक्षिण एशिया कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष का प्रभार संभालेंगे. उनके कार्यक्षेत्र में भारत, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और अफगानिस्तान शामिल होंगे. दक्षिण एशिया कॉन्फ्रेंस के तहत करीब 20 प्रोविंस हैं, जिनसे लगभग 4,000 जेसुइट जुड़े हुए हैं.

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भारत में नौ विश्वविद्यालयों समेत 70 उच्च शिक्षण संस्थान

सोसायटी ऑफ जीसस से जुड़े संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संस्था भारत में नौ विश्वविद्यालयों और 70 उच्च शिक्षण संस्थानों का संचालन कर रही है. वहीं, अफगानिस्तान में शरणार्थी केंद्रों में गैर-औपचारिक शिक्षा के क्षेत्र में काम किया जा रहा है. दुमका में होने वाली बैठक में इन शैक्षणिक गतिविधियों और भविष्य की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा होने की उम्मीद है.