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'कुक नहीं, घर की रेकी कर रहा था':FIR के बाद बोले IPL क्रिकेटर शशांक सिंह, कहा- चोरी का शक था, मोबाइल नहीं छीना
भोपाल में कुक से कथित मारपीट के मामले में FIR दर्ज होने के बाद पहली बार IPL क्रिकेटर शशांक सिंह सामने आए हैं। उन्होंने अपने और परिवार पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि युवक को न तो बंधक बनाया गया न उसका मोबाइल छीना गया और न ही उसके साथ मारपीट हुई। शशांक का दावा है कि युवक कुक बनकर आया था, लेकिन उसे खाना बनाना ही नहीं आता था। वह घर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर फोटो और वीडियो बना रहा था, जिससे परिवार को चोरी की आशंका हुई। भोपाल के रातीबड़ थाने में दर्ज FIR के बाद मीडिया से बातचीत में शशांक ने कहा कि यह पूरा मामला उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय पुलिस को बुला लिया होता तो आज यह स्थिति नहीं बनती। 'दो दिन के लिए आया था, किसी को बंधक क्यों बनाएंगे' शशांक ने कहा, "वह सिर्फ दो दिन के लिए आया था। ऐसे में किसी को बंधक बनाने का सवाल ही नहीं उठता। वह यहां आराम से रह रहा था, खाना खा रहा था, वीडियो और फोटो बना रहा था। उनके मुताबिक युवक ने खुद को कुक बताया था, लेकिन वह खाना बनाने में सक्षम नहीं था। "अगर कोई बावर्ची बनकर आया है तो उसे घर के मालिक के कमरे में जाकर निजी सामान की फोटो और वीडियो लेने की क्या जरूरत है? 'घर की प्राइवेट तस्वीरें थीं, इसलिए डिलीट कराईं' मोबाइल छीनने के आरोप पर शशांक ने कहा कि युवक का फोन नहीं छीना गया। उन्होंने बताया कि उसके मोबाइल में घर के निजी हिस्सों और सामान की तस्वीरें एवं वीडियो थे, जिन्हें उनकी मां ने डिलीट करवाया था। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता ने युवक का वीडियो भी बनाया था, जिसमें वह अपने मोबाइल से किसी को कॉल करने की कोशिश कर रहा है। शशांक ने कहा, "अगर मोबाइल हमारे पास होता तो वह कॉल कैसे करता?" 'चोरी का शक था, एक चांदी के गणपति भी नहीं मिल रहे' शशांक ने कहा कि परिवार को युवक की गतिविधियों पर संदेह हुआ था। उनके मुताबिक, अब तक की जांच में घर से कोई बड़ी चोरी सामने नहीं आई है, लेकिन चांदी के गणपति की एक प्रतिमा नहीं मिल रही है। परिवार अभी भी घर का सामान जांच रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है युवक चोरी के इरादे से आया था, हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। 'बहन ने 100 नंबर पर कॉल करने को कहा, मैंने जाने दिया' क्रिकेटर ने बताया कि जब युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उनकी बहन ने पुलिस बुलाने की सलाह दी थी। हालांकि युवक ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देते हुए खुद को गरीब बताया और जाने देने की गुहार लगाई। शशांक ने कहा, "मैं भावुक हो गया और मैंने ही कहा कि उसे जाने दो। अब महसूस होता है कि वहीं पुलिस कार्रवाई कर लेनी चाहिए थी। यह हमारी सबसे बड़ी गलती थी।" 'बाद में बैकग्राउंड चेक कराया, नशे की जानकारी मिली' शशांक के अनुसार युवक उनके पिता के परिचित के जरिए रीवा से आया था। परिवार ने भरोसे के आधार पर उसे काम पर रख लिया था। उन्होंने कहा कि बाद में बैकग्राउंड की जांच कराई गई, जिसमें उसके नशा करने संबंधी जानकारी मिली। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और इसकी जांच एजेंसियां ही कर सकती हैं। 'मेरी छवि खराब करने की कोशिश हो रही' मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों को नकारते हुए शशांक ने कहा कि जो लोग उन्हें जानते हैं, वे उनके स्वभाव से परिचित हैं। उन्होंने कहा, हाथापाई तो बहुत दूर की बात है, मैं किसी से गाली-गलौज भी नहीं करता। हो सकता है काम नहीं मिलने या किसी अन्य वजह से मेरे नाम का इस्तेमाल कर मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही हो। मामला क्या है? रीवा निवासी विपेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि उन्हें कुक के रूप में भोपाल बुलाया गया था। खाना पसंद नहीं आने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई, मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में मारपीट की गई। उनकी शिकायत पर रातीबड़ थाना पुलिस ने शशांक सिंह, उनके पिता रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेष सिंह और एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। फिलहाल शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष के दावे अलग-अलग हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। ये खबर भी पढ़ें IPL क्रिकेटर शशांक, उनके IPS पिता पर भोपाल में FIR पीड़ित विपेंद्र सिंह तोमर का आरोप है कि खाना पसंद नहीं आने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई। जब उसने काम छोड़ने की बात कही तो मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में शैलेष सिंह, शशांक और उनके ड्राइवर ने मिलकर मारपीट की। घटना के बाद युवक ने रोते हुए अपना VIDEO भी जारी किया है। इसके बाद भोपाल के रातीबड़ थाना पुलिस ने सोमवार को FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं इस मामले में शैलेष सिंह का कहना है कि वह बदतमीजी कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर