Tuesday, 30 June 2026
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'नेबरहुड फर्स्ट' या बांग्लादेश को सख्त संदेश? जानिए दिनेश त्रिवेदी को राजदूत रहते हुए क्यों मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा

INT News30 June 2026 at 06:17 pm

Dinesh Trivedi Cabinet Rank: पीएम मोदी के कार्यकाल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी दूत को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है. जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के दौरान विजया लक्ष्मी पंडित, टीएन कौल (मॉस्को), डॉ कर्ण सिंह (अमेरिका) और डीपी धर (मॉस्को) को यह सम्मान मिल चुका है.

वीना सीकरी के अनुसार, इस कैबिनेट रैंक के दो मुख्य उद्देश्य हैं

बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीना सीकरी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा- दिनेश त्रिवेदी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा संपर्क कर सकेंगे. दिनेश त्रिवेदी को विदेश सचिव या विदेश मंत्री के पदानुक्रम (hierarchy) से गुजरने की जरूरत नहीं होगी. कैबिनेट सदस्य के रूप में उनकी पहुंच सीधे प्रधानमंत्री तक होगी. इसके अलावा इस फैसले से ढाका को एक स्पष्ट संकेत मिला है कि त्रिवेदी को प्रधानमंत्री मोदी का बेहद खास राजनीतिक विश्वास हासिल है. वे वहां सीधे बांग्लादेश के प्रधानमंत्री या शीर्ष कैबिनेट मंत्रियों से ही संवाद करेंगे.

प्रोटोकॉल और सुरक्षा में क्या बदलेगा?

सीकरी ने बताया कि कैबिनेट रैंक के चलते दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में एक सामान्य राजदूत से इतर विशेष कूटनीतिक प्रोटोकॉल मिलेगा. हवाई अड्डे पर आगमन से लेकर देश के भीतर यात्रा करने तक, उन्हें वही सुरक्षा, देखभाल और दर्जा दिया जाएगा जो बांग्लादेश अपने खुद के कैबिनेट मंत्रियों को देता है.

‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति को धार और बांग्लादेश को कड़ा संदेश

दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति पीएम मोदी की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता को दर्शाती है. अगस्त 2024 में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्ते बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे हैं. मोहम्मद यूनुस के 18 महीने के अंतरिम शासन के दौरान कई भारत-समर्थक प्रोजेक्ट्स और नीतिगत फैसलों को पलट दिया गया था, जिससे कड़वाहट बढ़ी थी. अब बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के आने के बाद, भारत व्यापार, निवेश और विकास परियोजनाओं को पुराने ढर्रे पर वापस लाना चाहता है. हालांकि, रहमान की हालिया चीन यात्रा और वहां जारी संयुक्त बयान ने नई दिल्ली की चिंताएं बढ़ा दी हैं.

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