समाचार · बिहार
सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए एक नहीं, कई मौके! जानिए वीडियो बनाने पर बिहार सरकार किसे देगी पैसे

अगर आप बिहार से हैं और सोशल मीडिया पर वीडियो बनाते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. बिहार में क्रिएटर्स के लिए कमाई का एक नहीं, बल्कि कई रास्ते सामने आए हैं. बिहार सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों पर सोशल मीडिया कंटेंट बनाने वाले योग्य क्रिएटर्स को वीडियो के प्रदर्शन और व्यूज के आधार पर पैसे दिए जाएंगे. वहीं, पर्यटन विभाग भी समय-समय पर वीडियो और रील प्रतियोगिताओं के जरिए क्रिएटर्स को लाखों रुपये तक के इनाम देता रहा है.
हालांकि ऐसा नहीं है कि सिर्फ वीडियो बनाते ही आपको पैसे मिल जाएंगे. इसके लिए सरकार ने कुछ नियम और शर्तें तय की हैं, जिन्हें क्रिएटर्स को पूरा करना होगा. इतना ही नहीं, वीडियो को मिलने वाले व्यूज के आधार पर भी अलग से पैसे दिए जाएंगे.
तो आखिर किन क्रिएटर्स को पैसा मिलेगा, कितने व्यूज पर कितना पैसा मिलेगा और सरकार की क्या-क्या शर्तें हैं? साथ ही, बिहार में क्रिएटर्स के लिए कमाई के और कौन से मौके हैं? इस लेख में हम आपको इन सभी सवालों के जवाब आसान भाषा में बताएंगे.
पहले समझिए, सरकार ने नया क्या किया है?
बिहार कैबिनेट ने बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया नियमावली, 2026 में बदलाव को मंजूरी दी है.
19 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए इस फैसले के तहत बिहार सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों पर सोशल मीडिया कंटेंट बनाने वाले योग्य क्रिएटर्स को वीडियो को मिलने वाले व्यूज के आधार पर पैसे दिए जाएंगे.
सरकार का मकसद अपनी योजनाओं, नीतियों और विकास के कामों की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है.
किन सरकारी योजनाओं पर वीडियो बनाकर पैसे मिलेंगे?
यह किसी एक योजना के लिए अलग से पैसे देने वाली व्यवस्था नहीं है. मुख्य तौर पर बिहार सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों, नीतियों और उपलब्धियों से जुड़े कंटेंट को सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था है.
यानी कोई योग्य क्रिएटर सरकार की किसी जनकल्याणकारी योजना या कार्यक्रम की जानकारी देने वाला वीडियो बनाता है और तय शर्तों को पूरा करता है, तो उसे पैसे मिल सकते हैं.
हालांकि किसी खास योजना पर बनाया गया वीडियो पैसे के लिए योग्य होगा या नहीं, यह सरकार के अंतिम नियम और संबंधित विभाग की मंजूरी पर निर्भर करेगा.
एक लाख व्यूज पर कितने पैसे मिलेंगे?
वीडियो को मिलने वाले व्यूज के आधार पर हर 1 लाख व्यूज पर 10 हजार रुपये दिए जाने की बात सामने आई है. वहीं, एक वीडियो पर अधिकतम 1 लाख रुपये तक दिए जाएंगे. इसे ऐसे समझिए:
1 लाख व्यूज → 10 हजार रुपये
5 लाख व्यूज → 50 हजार रुपये
10 लाख व्यूज → 1 लाख रुपये
लेकिन सिर्फ 10 लाख व्यूज आने का मतलब यह नहीं है कि आपको 1 लाख रुपये मिल ही जाएंगे. वीडियो को सरकार की दूसरी शर्तें भी पूरी करनी होंगी और व्यूज की जांच भी हो सकती है.
30 दिन तक देखे जाएंगे वीडियो के व्यूज
मिली जानकारी के मुताबिक, वीडियो की परफॉर्मेंस 30 दिनों के बाद देखी जाएगी. यानी वीडियो पोस्ट करते ही पैसे नहीं मिलेंगे. तय 30 दिनों में वीडियो को कितने व्यूज मिले, उसके आधार पर आगे की प्रक्रिया होगी.
वीडियो पर आए व्यूज असली हैं या नहीं, इसकी भी जांच हो सकती है. इसलिए फर्जी या बॉट व्यूज के जरिए पैसे पाने की गारंटी नहीं है.
ये भी पढ़ें: 11वीं-13वीं JPSC और FSO भर्ती पर सरकार के फैसले पर HC की रोक का क्या है मतलब?
क्या हर क्रिएटर को मिलेगा पैसा?
नहीं. यही सबसे जरूरी बात है.
बिहार सरकार की मौजूदा सोशल मीडिया वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक Facebook, Instagram, X और YouTube पर कम से कम 1 लाख फॉलोअर्स या सब्सक्राइबर वाले अकाउंट सरकारी सूची में शामिल होने के लिए योग्य हैं.
इसके अलावा अकाउंट कितना पुराना है, सोशल मीडिया पर उसकी पहुंच कितनी है और जरूरी कागजात हैं या नहीं, जैसी बातें भी देखी जाती हैं.
हालांकि 2026 में हुए बदलाव के बाद पैसे देने का पूरा तरीका और नई शर्तें सरकार की ओर से पूरी जानकारी आने के बाद ही साफ होंगी.
इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि बिहार का कोई भी छोटा क्रिएटर वीडियो बनाकर सीधे सरकार से पैसे ले सकता है.
सिर्फ सरकारी योजनाओं पर नहीं, पर्यटन में भी मौका
बिहार में क्रिएटर्स के लिए दूसरा बड़ा मौका पर्यटन विभाग की वीडियो और रील प्रतियोगिताएं हैं.
इसका हालिया उदाहरण श्रावणी मेला 2026 की प्रतियोगिता है. इसमें 18 साल से ज्यादा उम्र के भारतीय नागरिक और सोशल मीडिया पर कम से कम 25 हजार फॉलोअर्स वाले क्रिएटर हिस्सा ले सकते थे.
वीडियो 30 सेकंड से 2 मिनट का होना था. इसमें श्रावणी मेला और मुंगेर, बांका और भागलपुर के कांवरिया मार्ग से जुड़ी चीजें दिखानी थीं. वीडियो एचडी और जियोटैग वाला होना भी जरूरी था.
इस प्रतियोगिता में पहले इनाम के तौर पर 3 लाख रुपये, दूसरे को 2 लाख रुपये और तीसरे को 1 लाख रुपये मिले.
हालांकि इसकी आखिरी तारीख 13 अगस्त 2026 थी, इसलिए यह प्रतियोगिता अब बंद हो चुकी है.
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी प्रतियोगिताएं
बिहार पर्यटन विभाग पहले बिहार टूरिज्म इनफ्लुएंसर्स आइज नाम से भी प्रतियोगिता करा चुका है.
इसमें पर्यटन, धार्मिक स्थल, इको-टूरिज्म, विरासत, खान-पान और कला-संस्कृति जैसे विषयों पर वीडियो बनाने का मौका दिया गया था.
इस प्रतियोगिता में 50 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स वाले क्रिएटर्स हिस्सा ले सकते थे और अलग-अलग कैटेगरी में 1 लाख रुपये तक के इनाम रखे गए थे.
यानी बिहार में क्रिएटर्स के लिए सिर्फ सरकारी योजनाओं पर वीडियो बनाने का ही मौका नहीं है. पर्यटन विभाग भी समय-समय पर अच्छे कंटेंट के लिए इनाम वाली प्रतियोगिताएं आयोजित करता है.
अगर आप क्रिएटर हैं तो अभी क्या करें?
अगर आप बिहार से हैं और सोशल मीडिया पर काम करते हैं, तो अभी से अपने अकाउंट का रिकॉर्ड संभालकर रखें.
अपने फॉलोअर्स, व्यूज और रीच का रिकॉर्ड रखें. पैन कार्ड, पहचान पत्र और बैंक से जुड़े जरूरी कागजात भी तैयार रखें.
आप बिहार की सरकारी योजनाओं, पर्यटन, शिक्षा, रोजगार, खेती और स्थानीय संस्कृति जैसे विषयों पर सही जानकारी के साथ वीडियो बना सकते हैं.
सबसे जरूरी बात, सरकारी योजना के नाम पर किसी अनजान वेबसाइट को पैसे देकर रजिस्ट्रेशन न कराएं. आवेदन या सरकारी सूची में शामिल होने के लिए बिहार सरकार की सरकारी वेबसाइट और संबंधित विभाग की वेबसाइट को ही प्राथमिकता दें.
एक नहीं, कई रास्ते हैं
बिहार में सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए अब कमाई के एक से ज्यादा मौके सामने आए हैं. सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों से जुड़े वीडियो के लिए व्यूज के आधार पर पैसे मिलने की व्यवस्था है. वहीं, पर्यटन विभाग की प्रतियोगिताओं में अच्छा वीडियो बनाकर इनाम जीतने का मौका भी मिलता है.
लेकिन इसे वीडियो बनाओ और पैसे पाओ वाली खुली योजना समझना सही नहीं होगा. आपको तय शर्तें पूरी करनी होंगी, सरकारी सूची में शामिल होना पड़ सकता है और आपके वीडियो के व्यूज की भी जांच की जा सकती है. यानी बिहार के क्रिएटर्स के लिए मौका जरूर बड़ा है, लेकिन पैसे पाने के लिए सिर्फ वीडियो बनाना काफी नहीं होगा.
पढ़िए देश दुनिया और बिहार झारखंड की ओरिजिनल खबर