समाचार · मध्य प्रदेश
डिग्री के साथ स्किल और सोच भी जरूरी:मानसरोवर यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर गौरव तिवारी बोले- शिक्षा का मतलब सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं
मेरे लिए शिक्षा का मतलब सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं है। जरूरी यह है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद हमारा बच्चा एम्प्लॉयबल हो और उसके पास ऐसी स्किल हो, जिससे वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके। खासतौर पर हेल्थकेयर के क्षेत्र में स्किल और एकेडमिक्स हमेशा साथ चलते हैं। अब दूसरे क्षेत्रों में भी स्किल इंटीग्रेशन पर उतना ही ध्यान देना जरूरी है। ये कहना है मानसरोवर यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर गौरव तिवारी का। उन्होंने कहा कि, इसी सोच के साथ हम स्किल सेंटर और फ्यूचर स्किल सेंटर के माध्यम से एआई, मशीन लर्निंग, आईओटी और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम कर रहे हैं। एआई को मैं इंसानी बुद्धिमत्ता का विकल्प नहीं, बल्कि उसका विस्तार मानता हूं। एक शिक्षक को एआई रिप्लेस नहीं कर सकता, क्योंकि शिक्षा सिर्फ किताब पढ़ाने का काम नहीं है। इसमें व्यवहार, भावनाएं और ह्यूमन टच भी शामिल हैं। हां, एआई हमारी क्षमता और स्किल को जरूर मजबूत कर सकता है। मेरा मानना है कि आज के युवाओं को किसी एक ट्रेंड के पीछे भागने के बजाय यह समझना चाहिए कि वे कौन-सी समस्या हल कर रहे हैं। अगर आपका आइडिया किसी की समस्या को आसान करता है, तो सफलता की संभावना वहीं से बनती है। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज अनुशासन है। मेरे जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह है कि मेरे पिता ने मुझ पर जो भरोसा किया और जो विरासत मुझे सौंपी, मैं उसे सही तरीके से आगे बढ़ा सकूं।