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डिग्री से आगे सीखना जरूरी:सेज ग्रुप के फाउंडर चेयरमैन डॉ. अग्रवाल बोले- पढ़ाई का मकसद खुद को विकसित करना
मैं इंजीनियरिंग का विद्यार्थी रहा हूं। उस समय पढ़ाई का मतलब खूब पढ़ना, चीजों को याद करना और परीक्षा में अच्छे नंबर हासिल करना था। मैथ्स मेरा पसंदीदा विषय था और इसमें अक्सर 100 में 100 अंक आते थे। लेकिन जब रियल वर्ल्ड में आया तो समझ में आया कि किताबी पढ़ाई और व्यावहारिक जीवन दोनों अलग हैं। ये कहना है सेज ग्रुप के फाउंडर चेयरमैन डॉ. अग्रवाल का। डॉ अग्रवाल ने कहा कि, मेरा मानना है कि पढ़ाई जरूर करें, लेकिन सिर्फ यह जानने के लिए नहीं कि क्या हो चुका है। पढ़ाई इस उद्देश्य से करें कि दुनिया में अभी क्या हो रहा है और आगे क्या होने वाला है, इसे समझ सकें। बचपन से ही मेरे अंदर जिज्ञासा रही है। मैं बहुत सवाल पूछता था और आज भी सवाल पूछता हूं। मेरा मानना है कि सवाल पूछना, उनके जवाब तलाशना और अच्छी बातों को अपनाना ही सीखने का सबसे अच्छा तरीका है। मैंने भी यही किया। अच्छे संस्कार, अनुशासन और मेहनत को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाया। आज मैं छह अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहा हूं, लेकिन मेरे लिए हर काम का मूल उद्देश्य एक ही है- लगातार सीखना, खुद को विकसित करना और समाज को कुछ अच्छा देना। मेरा युवाओं से बस इतना कहना है कि नौकरी करें, स्टार्टअप करें या पारिवारिक बिजनेस संभालें, जो भी करें दिल लगाकर करें। अनुशासन रखें, टाइम मैनेजमेंट करें और खूब मेहनत करें। नई टेक्नोलॉजी, खासकर एआई को सीखना आज हर विद्यार्थी के लिए जरूरी है। जीवन में चुनौतियां आएंगी, लेकिन उन्हें असफलता न मानें। चुनौती इसलिए आती है, ताकि वह हमें कुछ सिखाकर आगे बढ़ाए।