समाचार · मध्य प्रदेश
डेढ़ महीने पहले कुत्ते ने काटा, इलाज नहीं कराया:रेबीज के लक्षण उभरने पर मजदूर की मौत, कमर दर्द के बाद अस्पताल पहुंचा था युवक
कुत्ते के काटने के बाद लापरवाही एक युवक की जान पर भारी पड़ गई। डिंडौरी निवासी 30 वर्षीय अनिल मरावी की इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवक को करीब डेढ़ महीने पहले कुत्ते ने काटा था, लेकिन उसने न तो परिजनों को इसकी जानकारी दी और न ही एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई। रेबीज के लक्षण सामने आने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बता दें कि मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम हमीदिया अस्पताल में किया गया। कटारा हिल्स थाना पुलिस के अनुसार अनिल मरावी भोपाल के कटारा क्षेत्र स्थित सेज कॉलेज परिसर में झुग्गी बनाकर मजदूरी करता था। पुलिस को अस्पताल से सूचना मिली कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। इसके बाद मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। गांव से भोपाल आते समय कुत्ते ने काटा, किसी को नहीं बताया पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अनिल करीब डेढ़ महीने पहले अपने गांव ढिंडोरी से भोपाल काम करने आया था। इसी दौरान रास्ते में उसे कुत्ते ने काट लिया था। उसने इस घटना को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया और किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। यही वजह रही कि समय पर एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं लग पाए। कमर दर्द के बाद अस्पताल पहुंचे, तब सामने आई पूरी बात रविवार को अचानक अनिल की तबीयत बिगड़ गई और कमर में तेज दर्द होने पर साथ में काम करने वाले मजदूर उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसमें रेबीज के लक्षण देखे। पूछताछ में अनिल ने बताया कि उसे कुछ समय पहले कुत्ते ने काटा था और उसने कोई इलाज नहीं कराया। हालत गंभीर होने पर उसे हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया, जहां सोमवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।