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रामगढ़ के चुटूपालू घाटी में अब हादसों पर लगेगा ब्रेक; पहाड़ काटकर बनेगी नई फोरलेन सड़क, NHAI ने बनाया प्रस्ताव

मनोज लाल की रिपोर्ट
रांचीः रांची-रामगढ़ मार्ग (पुरान एनएच-33/नया एनएच-20) पर चुटूपालू घाटी में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं. इन पर रोक लगाने के लिए यहां वैकल्पिक सड़क बनेगी. इसके तहत तहत रामगढ़ की ओर जाने वाली खतरनाक ढलान वाली लेन के बगल में पहाड़ काटकर नई फोरलेन सड़क तैयार की जाएगी. नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है. फिलहाल प्रस्तावित मार्ग के लिए सर्वे किया जा रहा है. जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी. तकनीकी और अन्य बाधाओं का आकलन कर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा.
चुटूपालू घाटी में रामगढ़ की ओर जाने वाली लेन में काफी अधिक ढलान है, साथ ही यहां तीखा मोड़ भी है. हादसों के लिहाज से यह जगह 'ब्लैक स्पॉट' बन गयी है. हादसे रोकने के लिए बार-बार इस ढलान को कम करने की बात हो रही हैं. एनएचएआई की ओर से यहां कई उपाय भी किए गए. सड़क को चौड़ा करने के साथ वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए सड़क पर रबर रंबल स्ट्रिप लगाए गए. इसके बावजूद यहां पहुंचने पर तेज रफ्तार भारी वाहन अनियंत्रित हो रहे हैं और सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं. सभी प्रयास विफल होने के बाद अब इस हिस्से में नई सड़क बनाने का निर्णय लिया गया है. रांची से हजारीबाग सेक्शन के फोरलेन का काम करीब 12 साल पहले हुआ था.
जुलाई में हुए पांच बड़े हादसे
06 जुलाई को घाटी में बेक फेल होने से एक ट्रेलर अनियंत्रित हो गया और 11 वाहनों को टक्कर मार दी हादसे में 20 से अधिक लोग घायल हो गए सभी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. ढलान में ब्रेक फेल होने से एक किमी तक ट्रेलर बेकाबू होकर दौड़ता रहा. 13 जुलाई की रात एस्बेस्टस शीट से लदा ट्रेलर चुटुपालू घाटी में अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. 13 जुलाई की ही रात कोयला लदा एक ट्रेलर का ब्रेक फेल हो गया. इससे ट्रेलर ने आगे के वाहन में धक्का मार दिया. 27 जुलाई को सुबह राची से हजारीबाग जा रही एक बस डिवाइडर से टकराने से दुर्घटनाग्रस्त हो गई. बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे कई यात्रियों को चोटें आई. 30 जुलाई को एक ट्रक बेकाबू होकर एक कार पर पलट गया. इससे कार क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे लोगों को चोटे आई.
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ ?
ढलान पर ब्रेक फेल होने से हो रहे हैं हादसे
विशेषज्ञों का कहना है कि भारी वजन लेकर ढलान में गाड़ियां बार-बार ब्रेक का इस्तेमाल करती है, जिससे ब्रेक पैड और ड्रम गर्म होता है. इससे ब्रेक फेल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है. इस कारण अक्सर दुर्घटनाएं हो रही है और बड़े हादसे हो रहे हैं. एक जुलाई को भी घाटी में भारी सामान से लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे कई गाड़ियां उसकी चपेट में आ गयी. इस घटना में काफी नुकसान हुआ.
नए एलाइनमेंट से चौड़ी सड़क बनाना ही विकल्प
पथ निर्माण विभाग में सेंट्रल डिजाइन ऑर्गेनाइजेशन के मुख्य अभियंता रहे सत्येंद्र सिंह ने बताया कि चुटूपालू घाटी में दुर्घटनाएं रोकने के लिए नए एलाइनमेंट वाला वैकल्पिक रोड की बेहद जरूरी है. किसी सड़क की लंबाई बढ़ाकर ही ढलान को कम किया जा सकता है, लेकिन यहां लंबाई अधिक करना बहुत संभव प्रतीत नहीं होता है. ऐसे में नए एलाइनमेंट से चौड़ी सड़क बनाना ही बेहतर विकल्प है. इससे दुर्घटनाएं रोकने में मदद मिलेगी.
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