समाचार · मध्य प्रदेश
प्रतिबंध के बावजूद वाटरफॉल-नदी किनारे पहुंच रहे सैलानी:रीवा में सुरक्षा को ताक पर रखकर सेल्फी और स्टंट, पहले भी हो चुकी कई घटनाएं
रीवा बारिश के मौसम में विंध्य क्षेत्र के जलप्रपात पूरे शबाब पर हैं। केवटी जलप्रपात, चचाई प्रपात और टमस नदी के आसपास सोमवार को सैकड़ों सैलानी पहुंचे। महिला, पुरुष, बुजुर्ग, युवा और बच्चे प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचे, लेकिन इस दौरान कई लोग सुरक्षा को लेकर लापरवाही करते भी नजर आए। बैकुंठपुर से करीब 10 से 12 किलोमीटर दूर केवटी जलप्रपात में सुरक्षा के लिए फेंसिंग और प्रतिबंधित प्वाइंट बनाए गए हैं। इसके बावजूद कई पर्यटक सुरक्षा घेरा पार कर जलप्रपात के करीब पहुंचकर सेल्फी लेते दिखाई दिए। यहां पानी का बहाव तेज है। ऐसे में यह लापरवाही हादसे का कारण बन सकती है। बसामन मामा क्षेत्र के चचाई प्रपात में भी सैलानियों की लापरवाही के दृश्य सामने आए। टमस नदी के पुल पर भी लोग बढ़े जलस्तर और तेज बहाव को देखने के लिए जोखिम उठाते नजर आए। हाल ही में एक युवक के टमस नदी में छलांग लगाने का वीडियो सामने आया था। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। इसके बावजूद लोग नदी के आसपास जोखिम उठाते दिखाई दिए। वाटरफॉल का गेट बंद, फिर भी पहुंच रहे लोग लगातार बारिश के कारण नदियों और जलप्रपातों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। खतरे को देखते हुए पूरवा जलप्रपात का गेट फॉरेस्ट गार्ड ने बंद कर दिया है। इसके बावजूद कई लोग प्रतिबंधित और जोखिम वाले स्थानों तक पहुंचने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं। पर्यटन स्थलों पर शराबखोरी की शिकायत जलप्रपात और पर्यटन स्थलों पर कुछ लोगों के खुले में शराब पीने की शिकायतें भी सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब पीने से रोकने पर कुछ लोग अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। इससे पर्यटन स्थलों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस और वन विभाग से जलप्रपातों और नदी के आसपास संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने वालों पर कार्रवाई और शराबखोरी पर रोक लगाने की भी मांग की है। सैलानियों से भी सुरक्षा इंतजामों का पालन करने की अपील की गई है। लोगों से तेज बहाव वाली नदी और जलप्रपात के खतरनाक हिस्सों में जाने, सेल्फी लेने और स्टंट करने से बचने को कहा गया है।