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दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि आज, नेमरा बनेगा श्रद्धा और विकास का केंद्र, जुटेंगे राज्यभर के लोग

रामगढ़ : पद्म भूषण से सम्मानित झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि मंगलवार को पैतृक गांव रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा में मनाई जाएगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चार अगस्त को सुबह 11 बजे दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा का अनावरण करेंगे. इसके बाद वे पैतृक आवास में बाबा के तस्वीर पर सामाजिक रीति-रिवाज से श्रद्धांजलि देंगे. शहीद सोबरन मांझी की प्रतिमा स्थल पर भी जाकर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नेमरा-लुकैयाटांड मैदान में आयोजित विकास मेला सह परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे. विभिन्न योजनाओं का अवलोकन करने के बाद लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया जाएगा. विकास मेले में विभिन्न विभागों की ओर से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा.
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री, विधायक, सांसद, झारखंड आंदोलनकारी तथा झामुमो से जुड़े नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे. झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों से भी शिबू सोरेन के समर्थक कार्यक्रम में पहुंचेंगे. आदिवासी समाज के लोगों की भी बड़ी भागीदारी रहेगी.
नेमरा और लुकैयाटांड में श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां
रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में गोला चौक, बरलंगा चौक, लुकैयाटांड मैदान और पैतृक आवास नेमरा में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं. गोला चौक से लेकर नेमरा तक सड़क के दोनों ओर शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि के बैनर और झामूमो के झंडे लगाए गए हैं. बरलंगा चौक से लेकर नेमरा पैतृक आवास तक सड़क के दोनों ओर स्थायी व अस्थायी बिजली के पोल पर लाइटें लगाई गई हैं. जगह-जगह जेनरेटर की व्यवस्था की गई है. मुख्य कार्यक्रम स्थल लुकैयाटांड मैदान स्थित सोना सोबरन प्लस टू हाई स्कूल परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई है.
सोहराय पेंटिंग से सजी दीवारें
सोहराय पेंटिंग से सभी दीवारों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. प्रतिमा स्थल के आसपास पेवर ब्लॉक बिछाए गए हैं. पास में ही लुकैयाटांड मैदान में हेलीपैड बनाया गया है, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का हेलीकॉप्टर उतरेगा. प्रतिमा स्थल और हेलीपैड के बगल में लगभग 400 फीट का जर्मन हैंगर पंडाल बनाया गया है, जहां हजारों लोगों के बैठने की व्यवस्था अलग-अलग ब्लॉक में की गई है. पंडाल के दाहिनी ओर भोजन स्टॉल बनाए गए हैं. वीआईपी पार्किंग की व्यवस्था पंडाल के पास की गई है, जबकि अन्य लोगों के वाहनों की पार्किंग लुकैयाटांड मैदान के दूसरे छोर पर अलग-अलग स्थानों पर की गई है.
आगंतुकों को नहीं होगी कोई परेशानी
आने वाले सभी लोगों की सुविधा के लिए सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधा केंद्र भी बनाए गए हैं. पैतृक आवास नेमरा में धुमकुड़िया भवन के पास बैरिकेडिंग और पार्किंग की व्यवस्था की गई है. आवास के सामने स्थित अतिथि भवन में सामाजिक बैठक का इंतजाम किया गया है. बाबा के समाधि स्थल तक, आवास से नाड़ी दरहा जाने वाली सड़क को व्यवस्थित किया गया है. आवास के आंगन में तुलसी पिंड के पास श्रद्धांजलि कार्यक्रम के लिए छोटा पंडाल बनाया गया है, जहां बाबा शिबू सोरेन का चित्र रखा गया है. सामाजिक रीति-रिवाज से श्रद्धांजलि देने की व्यवस्था की गई है. सभी आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई, विद्युत और सुरक्षा व्यवस्था का कार्य बड़े पैमाने पर किया गया है.
वरीय अधिकारी और रामगढ़ जिला प्रशासन तैयारी में जुटे रहे
बाबा शिबू सोरेन की पुण्यतिथि कार्यक्रम को लेकर उत्तरी छोटानागपुर के आयुक्त विजय कुमार गुप्ता, डीआईजी अंजनी कुमार झा, उपायुक्त ऋतुराज, एसपी मुकेश कुमार लुणायत, डीएफओ नीतीश कुमार, डीडीसी आशीष अग्रवाल, एसडीओ कृष्ण मुरारी तिर्की, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अजमल हुसैन समेत सभी विभागों के अधिकारी कार्यक्रम की तैयारी में सक्रिय रूप से जुटे रहे. आयुक्त और डीआईजी ने सोमवार को पूरे कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. वहीं, डीसी और एसपी ने सोमवार की शाम जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें कार्यदायित्वों की जानकारी दी. सभी विभागों के अधिकारियों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी गईं.
विकास की नई पहचान बना नेमरा
चार अगस्त 2025 को दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद नेमरा गांव में उनका अंतिम संस्कार हुआ था. बाबा दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि देने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में लोग 10 दिनों तक नेमरा गांव पहुंचे थे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी 10 दिनों तक नेमरा गांव में रहकर बाबा शिबू सोरेन से जुड़े सभी सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए थे. नेमरा समेत आसपास के गांवों के विकास का जो मॉडल परिकल्पित किया गया था, वह अब नेमरा गांव में धरातल पर उतरता दिख रहा है. सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, रोजगार प्रशिक्षण, शिक्षा, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में काफी काम हुए हैं. आधुनिक दूरसंचार नेटवर्क से पूरा गांव जुड़ गया है. कृषि के लिए पटवन, तालाबों का जीर्णोद्धार, सामाजिक बैठकों के लिए धुमकुड़िया भवन, मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, उपस्वास्थ्य केंद्र व अस्पताल, लाह की खेती का प्रशिक्षण और सौर ऊर्जा की सुविधा समेत लगभग हर क्षेत्र में विकास कार्य धरातल पर दिखाई दे रहे हैं.
एक साल में बदला नेमरा, आधारभूत सुविधाओं का हुआ विस्तार
नेमरा गांव में बीएसएनएल, जियो और एयरटेल के नेटवर्क टावर स्थापित हो गए हैं. सड़कों का जाल नेमरा गांव के चारों ओर बिछ गया है. बरलंगा चौक, सुथरपूर चौक से कसमार (बोकारो) तक सड़क बन गई है. नेमरा पैतृक आवास से बाबा शिबू सोरेन के समाधि स्थल तक सड़क व गार्डवाल का निर्माण हुआ है. रोरो गांव से नर्सीडीह तक सड़क निर्माण, संग्रामपुर बाजारटांड़ से नेमरा होते हुए औराडीह तक सड़क समेत पूरे गांव में सड़क बन गई है. पेयजल व्यवस्था के लिए दो लाख लीटर क्षमता की जलमीनार का निर्माण कार्य जारी है. बरलंगा उपस्वास्थ्य केंद्र व 50 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य हो रहा है.
मॉडल बनेंगे सभी आंगनबाड़ी केंद्र
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित कर दिया गया है. नेमरा के नर्सीडीह में सामाजिक बैठकों के लिए धुमकुड़िया भवन का निर्माण हुआ है. सिंचाई के लिए नहर बनने से नेमरा में 20 से 30 एकड़ कृषि भूमि में गांव के लोग पटवन कर रहे हैं. नेमरा समेत सभी गांवों के तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया है. मंडई पूजा स्थल व सरना स्थल की चहारदीवारी निर्माण कार्य समेत अलग-अलग टोलों में अधिकांश विभागों की योजनाएं धरातल पर दिखाई दे रही हैं. गांव वालों को लाह की खेती सहित विभिन्न योजनाओं के तहत रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया गया है. अधिकांश सरकारी योजनाएं धरातल पर उतरने से नेमरा गांव आदर्श गांव बनने की ओर अग्रसर दिख रहा है.
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