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फतेहाबाद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 12वें दिन जारी:मांगों को लेकर शहर में निकाला रोष मार्च; चेयरमैन को सौंपा मांग पत्र
फतेहाबाद में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 12वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शहर के मुख्य बाजारों में रोष मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी नगर परिषद चेयरमैन राजेंद्र खींची के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने चेयरमैन को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। चेयरमैन राजेंद्र खींची ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि वे इस विषय में सरकार से बातचीत कर हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास करेंगे। कर्मचारियों के इस आंदोलन को पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर अपना पूर्ण समर्थन दिया। कर्मचारी यूनियन ने सरकार पर लगाए आरोप ज्ञापन के माध्यम से नगर पालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा और अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के अधीन कार्यरत सफाई और सीवर कर्मचारियों का शोषण चरम सीमा पर है। साथ ही, 13 मई 2026 को सरकार के साथ 17 मांगों पर बने समझौते को भी लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में पालिका रोल के अनुबंधित और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है। वे ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने और सफाई व सीवर कर्मचारियों की पक्की भर्ती की भी मांग कर रहे हैं। ईएसआई और ईपीएफ का मुद्दा भी उठाया इसके अलावा, फरीदाबाद नगर निगम और अन्य पालिकाओं के छंटनीग्रस्त कर्मियों को वापस ड्यूटी पर लेने, हड़तालों के दौरान दर्ज झूठे आपराधिक मामले वापस लेने, सीवरमैनों को 5 हजार रुपए जोखिम भत्ता देने की भी मांग की गई है। डोर-टू-डोर आउटसोर्सिंग ठेके समाप्त कर कर्मियों को न्यूनतम 15 हजार 200 रुपए वेतन बैंक के माध्यम से देने और ईएसआई और ईपीएफ की सुविधा प्रदान करने का मुद्दा भी उठाया गया। कर्मचारियों ने उठाई ये मांगे मांग पत्र में पक्के कर्मचारियों की तर्ज पर सफाई और सीवर कर्मियों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए करने, मेडिकल कैशलेस सुविधा, क्षेत्रफल और आबादी के अनुसार सफाई व सीवर कर्मचारियों के नए पद सृजित कर पक्की भर्ती करने और एक्सग्रेसिया पॉलिसी में ढील देने का आग्रह किया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार वेतन में 2,100 रुपए की बढ़ोतरी करने, छुट्टियों में काम करने पर प्रतिवर्ष एक महीने का अतिरिक्त वेतन देने, पढ़े-लिखे सफाई कर्मियों की योग्यता के आधार पर पदोन्नति करने, ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर 20 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने और सभी सफाई व सीवर कर्मियों का 50-50 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कराने जैसी मांगें भी शामिल हैं।