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दुमका में लोकतंत्र के काम में खलल: नशेड़ी ने BLO के हाथ से छीनकर फाड़े वोटरों के फॉर्म, FIR दर्ज

दुमका से आनंद जायसवाल की रिपोर्ट
दुमका : झारखंड की उपराजधानी दुमका के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मेहतर पाड़ा में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शिविर में एक युवक ने भारी हंगामा कर दिया. नेशनल स्कूल के पीछे स्थित बूथ संख्या-131 पर जब सरकारी कर्मी मतदाताओं से भरे हुए गणना प्रपत्र (फॉर्म) जमा ले रहे थे, तभी मेहतर पाड़ा निवासी शिवनारायण हरि कथित रूप से अत्यधिक नशे की हालत में वहां धमक गया. उसने न सिर्फ वहां मौजूद मतदाताओं को प्रपत्र जमा करने से रोका, बल्कि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास किया.
बीएलओ के हाथ से फॉर्म छीने, विरोध करने पर काटा बवाल
शिविर में पंचायत सचिव नंदन कुमार की मौजूदगी में बीएलओ नंदनी देवी, कर्मी आंचल भारती और सहायक शिक्षक शिव कुमार मुस्तैदी से अपना काम कर रहे थे. इसी बीच नशे में धुत आरोपी युवक ने बीएलओ के विरोध को दरकिनार करते हुए मामुनी देवी, संतोष कुमार, विशु, रमनी देवी और काजल देवी के भरे हुए सरकारी गणना प्रपत्रों को जबरन हाथ से छीन लिया. इसके बाद उनके टुकड़े-टुकड़े कर दिए. जब वहां मौजूद कर्मियों ने इसका कड़ा विरोध किया, तो उसने शिविर में जमकर गाली-गलौज और हंगामा किया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई.
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आरोपी युवक पुलिस हिरासत में
घटना की लाइव जानकारी मिलते ही सदर बीडीओ हरिनाथ महतो फौरन दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने वहां मौजूद स्थानीय लोगों और अपने सहयोगियों की मदद से भाग रहे आरोपित को मौके पर ही धर दबोचा. इसके बाद नगर थाना प्रभारी अशोक राम पुलिस बल के साथ कैंप पहुंचे और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गए. इस त्वरित कार्रवाई के बाद ही शिविर में दोबारा शांति बहाल हो सकी और काम शुरू कराया गया.
राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी गई रिपोर्ट
नगर थाना प्रभारी अशोक राम ने बताया कि पंचायत सचिव नंदन कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर आरोपी शिवनारायण हरि के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, बीएलओ के साथ अभद्र व्यवहार करने और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. गुरुवार को उसे जेल भेजा जाएगा. इधर, प्रशासन ने लोकतंत्र के इस जरूरी कार्य में बाधा डालने की घटना को बेहद गंभीरता से लिया है. गणना प्रपत्र फाड़े जाने की पूरी विस्तृत रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भी भेज दी गई है. इस मामले में अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि चुनाव संबंधी काम में रोड़ा अटकाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
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