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निगम सामान्य सभा में जमकर हंगामा, विपक्ष ने किया बहिष्कार:महापौर के आडियो को लेकर चर्चा को तैयार नहीं हुआ सत्तापक्ष, सभापति, महापौर ने छोड़ी बैठक
अंबिकापुर के नगर निगम की सामान्य सभा में महापौर के वायरल आडियो को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सत्तापक्ष ने प्रश्नकाल में मुद्दा उठाए जाने पर सत्तापक्ष चर्चा के लिए तैयार नहीं हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने शहर की समस्या को लेकर जमकर हमलावर हुए तो सभापति एवं महापौर उठकर बाहर चले गए। दुबारा आडियो विवाद पर हंगामा हुआ तो विपक्ष ने सामान्य सभा का बहिष्कार कर दिया। मंगलवार को निगम के सामान्य सभा की बैठक के प्रश्नकाल में ही नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने महापौर के वायरल आडियो के मामले को उठाया। नेता प्रतिपक्ष की ओर से चर्चा का प्रस्ताव आते ही सत्तापक्ष के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। एमआईसी सदस्य मनीष सिंह ने कहा कि सामान्य सभा में पहले से लिए गए प्रश्नों पर ही चर्चा होनी चाहिए। हंगामें के बीच सभापति, महापौर ने छोड़ी कुर्सी जब सत्तापक्ष महापौर के आडियो विवाद पर चर्चा को तैयार नहीं हुआ तो काफी देर तक दोनों पक्ष में बहस होती रही और प्रश्नकाल नहीं चल सका। कुछ देर के लिए कार्रवाई रोक दी गई। दुबारा सामान्य सभा की कार्रवाई शुरू की गई तो शहर में खराब सड़क, पेयजल एवं बिजली की समस्या को लेकर नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पार्षदों को बुलाकर सड़क के गड्ढों की जानकारी ली गई। सभी पार्षदों से जानकारी लेकर 10 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर आयुक्त के समक्ष पेश किया गया तो उन्होंने उसे वापस कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि क्या शहर की समस्या के लिए 10 लाख रुपये निगम का सत्तापक्ष स्वीकृत नहीं करा सकता। नेता प्रतिपक्ष ने शहर में पेयजल की कम आपूर्ति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन करीब 40 प्रतिशत पेयजल सप्लाई कम हुई, लेकिन लोगों से पैसा पूरा लिया गया। यह सीधे तौर पर लोगों का शोषण है। जब नेता प्रतिपक्ष ने सत्तापक्ष को खरी-खरी सुनाई तो पहले सभापति, फिर महापौर मंजूषा भगत इसके बाद एमआईसी के सदस्य बाहर चले गए। विपक्ष ने किया बहिष्कार, बिना विपक्ष चली सामान्य सभा नेता प्रतिपक्ष ने फिर से महापौर के आडियो विवाद पर सदन में चर्चा कराने की मांग रखी तो फिर हंगामा हो गया। इसके बाद विपक्ष ने सामान्य सभा का बहिष्कार कर दिया। बहिष्कार के बाद सत्तापक्ष ने विपक्ष के बिना ही सामान्य सभा का संचालन किया।महापौर मंजूषा भगत ने विपक्ष के आरोपों पर अपनी बात रखी। विपक्ष की आवाज दबाना चाहता है सत्तापक्ष-शफी नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि कलाकेंद्र मैदान के आबंटन में रिश्वतखोरी को लेकर महापौर और भाजपा जिलाध्यक्ष का आडियो वायरल हुआ था, उसमें कार्रवाई की मांग को लेकर अजाक थाने में महापौर ने आवेदन दिया था। दो माह बाद भी उसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। हम चाहते थे कि निगम सामान्य सभा में इसके लिए प्रस्ताव पारित किया जाए कि पुलिस इसमें कार्रवाई करे। सत्तापक्ष इसमें चर्चा के लिए तैयार नहीं है। सत्तापक्ष विपक्ष की आवाज दबाना चाहता है। विषय अनुसार होनी चाहिए चर्चा-महापौर महापौर मजूषा भगत ने कहा कि सामान्य सभा में शहर के विकास के मुद्दों पर चर्चा होनी थी। विपक्ष ने बेबुनियाद व्यक्तिगत आरोप लगा रहे हैं। जो आरोप वे लगा रहे हैं, न्यायालय में पेंडिंग है। जांच चल रहा है। इसमें विपक्ष का काम नहीं है। महापौर ने कहा कि हर बार विपक्ष मुद्दाविहीन बातें करते हैं। वे बौखला गए हैं। हमारा उद्देश्य है शहर का विकास। हम 100 करोड़ का विकास कार्य करा रहे हैं। ये विपक्ष से नहीं पच रहा है। व्यवसायी ने दुकानें बेची, ईई ने खरीदी, नामांतरण पर रोक सामान्य सभा में पार्षद आलोक दुबे ने सवाल उठाया कि अंबिकापुर के फायर स्टेशन के पास निगम की तीन दुकानें राजू अग्रवाल एवं उसके दो बेटों के द्वारा 24-24 लाख में खरीदी गई थी, जिसे निगम के ईई अशोक निरंजन, उनकी पत्नी एवं बेटे को 70-70 लाख रुपये में बेच दी गई। पार्षद आलोक दुबे ने सवाल उठाया कि क्या कोई फर्स्ट क्लास आफिसर निगम की दुकानें खरीद सकता है। इसपर निगम में जमकर हंगामा हुआ और दुकानांे के नामांतरण पर रोक लगा दी गई है।