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BIT Mesra से निकले 2984 नए ग्रेजुएट, किसी को गोल्ड मेडल तो किसी को मिला 1.4 करोड़ का पैकेज

INT News10 October 2026 at 11:14 pm

रांची. बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआइटी), मेसरा का 36वां दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित किया गया. समारोह में यूजी, पीजी, पीएचडी और डिप्लोमा प्रोग्राम के कुल 2984 विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किये गये. इनमें 2004 यूजी, 691 पीजी, 113 पीएचडी और 176 डिप्लोमा के विद्यार्थी शामिल हैं.

समारोह के मुख्य अतिथि परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष

समारोह के मुख्य अतिथि भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ अजीत कुमार मोहंती थे. बीआइटी मेसरा के वाइस चांसलर प्रो. इंद्रनील मन्ना भी मौजूद रहे. संस्थान के चांसलर सीके बिरला ऑनलाइन माध्यम से समारोह में जुड़े.

एआइ से क्लीन एनर्जी तक नये अवसर

डॉ अजीत कुमार मोहंती ने कहा कि देश तकनीकी बदलाव के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मेटेरियल्स, बायोटेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, स्पेस साइंस, क्लीन एनर्जी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नये अवसर हैं.

उन्होंने कहा कि सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में निवेश कर रही है. इसका उद्देश्य स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने के साथ युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और उद्यमियों की कुशल पीढ़ी तैयार करना है.

विद्यार्थियों से लगातार सीखते रहने की अपील

उन्होंने विद्यार्थियों से सीखने की प्रक्रिया लगातार जारी रखने की अपील की. कहा कि असफलताओं से सीख लेकर बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए. जीवन में साथ देने वाले लोगों के प्रति आभार जताने के साथ व्यस्त जीवन के बीच खुद को शांत और खुश रखना और परिवार के लिए समय निकालना भी जरूरी है.

रिसर्च के लिए मिले 90 करोड़ रुपये

वाइस चांसलर प्रो. इंद्रनील मन्ना ने बताया कि संस्थान में रिसर्च पर विशेष जोर दिया जा रहा है. वर्ष 2021 से अब तक संस्थान को 318 रिसर्च ग्रांट मिले हैं. इनके तहत करीब 90 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है. उन्होंने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में 37 रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए विभिन्न विभागों को करीब 10 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ है.

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सीएसई में 79 प्रतिशत विद्यार्थियों का प्लेसमेंट

प्रो. इंद्रनील मन्ना ने बताया कि सत्र 2025-26 में बीआइटी मेसरा का प्लेसमेंट बेहतर रहा. बीटेक में 73 प्रतिशत विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हुआ, जबकि कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्लेसमेंट का आंकड़ा 79 प्रतिशत रहा. इस दौरान विद्यार्थियों को अधिकतम 1.4 करोड़ रुपये का पैकेज मिला, जबकि औसत पैकेज करीब 12 लाख रुपये रहा.

चांसलर सीके बिरला ने कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन के अगले चरण में प्रवेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान का महत्व आगे भी बना रहेगा, इसलिए विद्यार्थियों को लगातार सीखते रहना चाहिए.

17 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल

दीक्षांत समारोह में 17 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया. इनमें नौ छात्र और आठ छात्राएं शामिल हैं.

गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थी:

अनुष्का सिंह - बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर

कटरागड्डा गौतम - एआइ-एमएल

अनुराधा मजूमदार - बायोटेक्नोलॉजी

पुरुषोत्तम कुमार - केमिकल इंजीनियरिंग

विपुल प्रसार - सिविल इंजीनियरिंग

शिवांगी शर्मा - कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग

अरमान सिद्दीकी - इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग

आशीष रंजन - इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग

अमीश रंजन - मैकेनिकल इंजीनियरिंग

सागर - प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग

कृति कुमारी - होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी

शांभवी वत्स - फार्मेसी

रिया नायक - मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी

सत्यांशु वर्मा - फूड टेक्नोलॉजी

देबास्मिता दास - मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग

अनुकृति दत्ता - फिजिक्स

हर्ष रंजन - क्वांटिटेटिव इकोनॉमिक्स एंड डेटा साइंस

गोल्ड मेडलिस्टों ने साझा किये अनुभव

शिवांगी शर्मा, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग: कॉलेज का सफर यादगार रहा. प्रोफेसरों और परिवार से पूरा सहयोग मिला. कक्षा की पढ़ाई पर ध्यान दिया और गोल्ड मेडल मिलने की खुशी है.

आशीष रंजन, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग: पढ़ाई के साथ कॉलेज जीवन का आनंद भी लिया. शिक्षकों ने जरूरत पड़ने पर हमेशा मार्गदर्शन दिया. उनका जिंदल स्टील लिमिटेड में प्लेसमेंट हुआ है.

अरमान सिद्दीकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग: कक्षा की पढ़ाई पर फोकस के साथ नियमित रिवीजन किया. शिक्षकों के संपर्क में रहकर अपनी शंकाओं को दूर किया. वर्तमान में यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं.

अनुष्का सिंह, आर्किटेक्चर: अपने विषय की लगातार पढ़ाई के साथ शिक्षकों, दोस्तों और परिवार का सहयोग मिला. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और परिवार को दिया.

सागर, प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग: पिता के जन्मदिन के दिन गोल्ड मेडल मिलने को उन्होंने खास बताया. उन्होंने कहा कि संस्थान ने उन्हें काफी कुछ सिखाया. वर्तमान में वह जिंदल स्टील लिमिटेड में काम कर रहे हैं.

पुरुषोत्तम कुमार, केमिकल इंजीनियरिंग: कॉलेज का सफर शानदार और यादगार रहा. पढ़ाई के साथ कॉलेज जीवन का भी आनंद लिया. उन्होंने गोल्ड मेडल का श्रेय शिक्षकों और परिवार को दिया. वर्तमान में वह जिंदल स्टील लिमिटेड में कार्यरत हैं.

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