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कोणार्क जैन के साथ बातचीत में मेजर जनरल जीडी बख्शी ने खोले 1971 युद्ध के कई राज

INT News11 September 2026 at 10:41 pm

JHS Media Group के MD और फाउंडर कोणार्क जैन ने मेजर जनरल जीडी बख्शी के साथ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, भू-राजनीति, सैन्य क्षमता और 1971 के युद्ध से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. Just Baat पॉडकास्ट में मेजर जनरल बख्शी ने कहा कि भविष्य के युद्ध केवल हथियारों से नहीं लड़े जाएंगे, बल्कि साइबर, सूचना और तकनीक जैसे क्षेत्रों की भी बड़ी भूमिका होगी. उन्होंने इसे मल्टी-डोमेन वॉरफेयर का दौर बताया.

रूस भरोसेमंद साथी, लेकिन आत्मनिर्भर बने भारत

बातचीत के दौरान कोणार्क जैन ने भारत की सैन्य क्षमता और रक्षा तकनीक को लेकर सवाल किया. इस पर मेजर जनरल जीडी बख्शी ने कहा कि भारत को अपनी सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बनना होगा. उन्होंने कहा कि रूस भारत का भरोसेमंद सहयोगी रहा है, लेकिन देश को किसी एक सहयोगी पर जरूरत से ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए.

बख्शी ने ब्रह्मोस मिसाइल और S-400 डिफेंस सिस्टम का जिक्र करते हुए भारत की सैन्य क्षमताओं पर भी बात की. उन्होंने रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया.

1971 के युद्ध और सैम मानेकशॉ को किया याद

कोणार्क जैन ने जब उनसे जीवन के भावुक पलों के बारे में पूछा, तो मेजर जनरल बख्शी ने 1971 के युद्ध और सैम मानेकशॉ से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र किया. बख्शी के मुताबिक, सैम मानेकशॉ ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सामने स्पष्ट किया था कि सेना पूरी तैयारी के बाद ही युद्ध में उतरना चाहती है, क्योंकि लक्ष्य केवल जीत होना चाहिए. उन्होंने 1971 के युद्ध में भारत की जीत और ढाका में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण को भारत की सबसे बड़ी सैन्य उपलब्धियों में से एक बताया.

भू-राजनीति से निजी अनुभवों तक हुई चर्चा

Just Baat पॉडकास्ट में मेजर जनरल जीडी बख्शी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और भू-राजनीति के अलावा अपने जीवन से जुड़े कई भावुक और रोचक अनुभव भी साझा किए. कोणार्क जैन और मेजर जनरल बख्शी के बीच हुई यह पूरी बातचीत Just Baat के YouTube चैनल पर उपलब्ध है.