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इम्पैक्ट : सुरक्षा एजेंसी के सेवा विस्तार मामले में राजभवन सख्त, एकेयू से मांगे मूल संचिकाएं और साक्ष्य

पटना: आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (एकेयू) में सुरक्षा एजेंसी को सेवा विस्तार देने में कथित अनियमितता का मामला अब राजभवन पहुंच गया है. इस संबंध में में 17 अक्तूबर को प्रकाशित खबर के बाद राज्यपाल सचिवालय ने मामले का संज्ञान लिया है. राजभवन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संबंधित सभी मूल संचिकाएं और साक्ष्य तलब किये हैं. मामले की जांच के लिए कमेटी गठित किये जाने की जानकारी भी सामने आयी है.
खास बातें
कुलपति के आदेश की अनदेखी कर एजेंसी को सेवा विस्तार देने का मामला
नौ नवंबर को साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने का निर्देश
मूल संचिकाओं और साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने का निर्देश
राज्यपाल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पत्र जारी कर नौ नवंबर को दोपहर तीन बजे सभी मूल संचिकाओं और साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है. उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर मामले में अपना पक्ष रखने को कहा गया है, ताकि तथ्यों से कुलाधिपति को अवगत कराया जा सके.
निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी का आरोप
ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि एकेयू के कुलपति के अधिकारों पर रोक लगाये जाने के बावजूद सुरक्षा एजेंसी मेसर्स सिक्स्थ सेंस सिक्योरिटी एंड मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को सेवा विस्तार दिया गया था. आरोप है कि यह आदेश निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए जारी किया गया.
जवाबदेही तय होने की उम्मीद
राजभवन के पत्र में भी 15 सितंबर को कुलपति के अधिकारों पर रोक लगाये जाने के बाद एजेंसी को मनमाने तरीके से सेवा विस्तार देने के मामले का उल्लेख किया गया है. अब राजभवन की पहल के बाद इस पूरे प्रकरण में विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही तय होने की उम्मीद है. जांच में मूल संचिकाओं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सेवा विस्तार की प्रक्रिया, आदेश जारी करने की परिस्थितियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जायेगी.
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निफ्ट छात्रा से अश्लील हरकत मामले में भी होगी जांच
निफ्ट पटना की छात्रा के साथ सुरक्षा गार्ड द्वारा कथित अश्लील हरकत किये जाने के मामले की भी अब जांच होगी. 17 मार्च 2026 को हुई घटना के बाद 18 मार्च को एकेयू प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की थी. समिति ने आरोपी गार्ड के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा अब तक नहीं की है. निफ्ट पटना के निदेशक ने भी कुलपति से कार्रवाई की मांग की थी. इसके बावजूद अब तक आरोपी गार्ड और संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह बड़ा सवाल है. जांच में कार्रवाई नहीं होने के कारणों की भी पड़ताल होगी.
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